श्री विजय गुरु संघ के वरिष्ठ संत विनोद मुनि सा का ब्यावर में पदार्पण… नवकार भवन में प्रभु महावीर व गुरु भगवंतों की जयकारों से हुआ दिव्य मंगल प्रवेश

श्री विजय गुरु संघ के वरिष्ठ संत विनोद मुनि सा का ब्यावर में पदार्पण… नवकार भवन में प्रभु महावीर व गुरु भगवंतों की जयकारों से हुआ दिव्य मंगल प्रवेश

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 30 नवंबर।
(प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार)
जैन जगत की दिव्य विभूति, प्रवचन प्रभाकर,संयम सुमेरु,वाणी के जादूगर जैनचार्य प्रवर भगवन 1008 विजयराज जी म,.सा संघ. के प्रमुख एवं वरिष्ठ संत विनोद मुनि जी महाराज सा ने अपने सहयोगी संतों के साथ रविवार सवेरे ब्यावर के समीप पीपलाज से पैदल विहार कर नगर के जैनाचार्य श्री विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन पहुंचे ।


जयपुर में यशस्वी चातुर्मास कर संत मंडल का ब्यावर में हुआ पदार्पण….
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ ब्यावर अध्यक्ष समाजसेवी संपतराज ढेड़ीया ने बताया कि संघ के वरिष्ठ संत विनोद मुनि जी महाराज सा अपने आराध्य गुरु भगवन विजय गुरुदेव के साथ सूबे की राजधानी जयपुर में यशस्वी एवम ऐतिहासिक चातुर्मास पूर्ण कर संघ की पुरजोर विनती को तवज्जो देते हुए ब्यावर पधारे हैं।

संघ महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि संत मंडल का गांव गांव, ढाणी ढाणी होते हुए लगभग 200 किलोमीटर से ज्यादा पैदल विहार करते हुए ब्यावर पदार्पण हुआ। संत विनोद मुनि सा अपने सहयोगी संतों के साथ रविवार सवेरे सूर्योदय के बाद निकटवर्ती गांव पीपलाज से विहार कर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए मेवाड़ी गेट बाहर जैनाचार्य श्री विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन ज्यों ही पहुंचे।

संघ के राष्ट्रीय संरक्षक भामाशाह राजेंद्र कर्णावट एवं संघ संरक्षक उत्तमचंद छलानी त्रिलोकचंद ढेड़ीया, ओंकारमल लोढ़ा के नेतृत्व में जैन धर्म की प्रमुख वंदना तिख्तूतो के पाठ से 03 बार साविधि सामूहिक वंदना कर संघ के वरिष्ठ संत विनोद मुनि सा एवं संत मंडल की अहिंसा के अवतार श्रवण भगवान महावीर स्वामी, जैनाचार्य श्री नाना गुरु, जैनाचार्य प्रवर भगवन श्री विजय गुरु,श्री शांति गुरु व श्री जितेश गुरु की जय जयकारों के साथ अगुवाई करते हुए नवकार भवन के मेघराज कोठारी हाल में भव्य मंगल प्रवेश कराय।


संत मंडल के अल्प प्रवास में होंगे विविध धार्मिक कार्यक्रम…
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के प्रमुख हुक्मीचंद सिंगी ने एक जानकारी में बताया कि संत मंडल के ब्यावर के नवकार भवन में अल्पकालीन प्रवास के दौरान नित्य प्रति प्रार्थना, प्रातः कालीन ज्ञानवर्धक कक्षा, प्रवचन व्याख्यान, धर्म एवं तत्व चर्चा, रात्रि प्रश्नोत्तरी, संवर,पोषध के कार्यक्रम होंगे।


संत मंडल अपना अल्पकालीन प्रवास पूर्ण कर भीलवाड़ा होते हुए संघ के प्रमुख एवं वरिष्ठ संत श्री पारस मुनि जी महाराज सा की सेवा में इंदौर जायेंगे।
जन जागरण कर रहे हैं आत्महत्या के खिलाफ,युवाओं को व्यसन मुक्त बनाने में जुटे वरिष्ठ संत युवा संघ के विनोद सांखला एवं विनोद लोढ़ा ने बताया कि संत विनोद मुनि ने अपने संयम पथ पर आरूढ़ होने के बाद में देश के विभिन्न प्रदेशों में हजारों किलोमीटर की पद यात्रा कर भगवान महावीर के दिव्य संदेशों का जिन वाणी के माध्यम से प्रचार प्रसार करते, जन जागरण के साथ-साथ जैनचार्य प्रवर श्री विजय गुरु के आत्महत्या मुक्त हो सारा देश के दिव्य संदेश को गांव गांव, ढाणी ढाणी में पहुंचाते हुए हजारों लोगों को आत्महत्या नहीं करने का संकल्प दिलाकर देश में दिव्य अलख जगा रहे है।

आत्महत्या महापाप है यह कभी भी स्वीकार्य नहीं के साथ के संकल्प को दिलाने के साथ ढाणी ढाणी,गांव एवम शहरों में बसी युवा पीढ़ी को विशेष तौर पर व्यसन मुक्त व्यसन बनाने में पूरी शक्ति एवम समर्पण भाव से जुटे हुए हैं।
श्री विजय गुरु के संत मंडल के ब्यावर प्रवास को लेकर युवा पीढ़ी में एक नया जोश, नई स्फूर्ति आई,नई चेतना आई है। संत मंडल के जयपुर से ब्यावर प्रवास विहार यात्रा में सेवा समर्पित सुश्रावक विहार यात्रा संयोजक युवा चेता गौतम लोढ़ा,युवा संघ के अध्यक्ष विनोद लोढ़ा, प्रिंस कोठारी के नेतृत्व में युवाओं ने संतो के साथ पैदल यात्रा में अपनी अनुपम सेवाएं देकर संघ को एक नया आयाम प्रदान किया है।

संघ के पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल कोठारी एवम सुरेंद्र लोढ़ा ने कहा कि यूवा संघ के सेवार्थी मंडल का साधु संतो मुनिराजों एवम महासती मंडल के विहार में भरी गर्मी एवम कड़ाके की ठंड में अल सवेरे जल्दी उठकर विहार यात्रा में संयमी आत्माओं के साथ चलकर अपनी भक्ति श्रद्धा एवं आस्था के गुरु समर्पण भावों का जोरदार परिचय दे रहे हैं।


संत विनोद मुनि सा बोले,श्री विजय गुरु के आत्महत्या मुक्त हो सारा देश के दिव्य संदेश का अलख जगाए…
साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के वरिष्ठ संत श्री विनोद मुनि सा ने युवाओं से धर्म चर्चा करते हुए कहा कि वे समाज में फैल रही कुरीतियों एवम रूढ़िवादिताओं के खिलाफ आगे आकर एक नया अलख जगाए। साथ ही अपनी शक्ति एवं धन का सम्यक उपयोग करें।

समाज में फैल रही कुरीतियों एवं आडंबर के खिलाफ जोरदार जनजागरण कर भगवान महावीर के उपदेशों एवम आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर मानव जीवन को सार्थक करने का भव्य पुरुषार्थ करें।


संत श्री ने कहा कि धर्म जीवन जीने की कला सिखाता है। इंसान धर्म के मर्म को समझें।रविवार पर बोलते हुए मुनिश्री ने कहा कि आज रोष नहीं करें, रसमलाई नहीं खाएं एवं रिक्शावाले से झिक झीक नही करें चिक चिक नहीं करें। सभासदों ने संत से उक्त नियमो का प्रत्याख्यान लिए मानव मात्र के कल्याण हेतु सदैव समर्पित रहे। संत कौशल मुनि ने जीवन को संयमित एवम मर्यादित बनाने पर बल दिया।


संत विनोद मुनि सा बोले,किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या नही करें, हजारों लोगों को दिला रहे आत्महत्या नही करने का संकल्प…
संत प्रवर ने कहा कि संयम सुमेरु नानेश पट्टधर श्री विजय गुरु के दिव्य संदेश आत्महत्या मुक्त हो सारा देश को आत्मसात करते हुए जीवन में किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या नहीं करने का संकल्प लें, व औरों को आत्महत्या नहीं करने की प्रेरणा दें। संत मंडल ने युवाओं से व्यसनमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।

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