सुकमा(अमर छत्तीसगढ) 7 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को लगातार कामयाबी मिल रही है। इसी कड़ी में आज एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां दरभा डिवीजन के शीर्ष इनामी माओवादी नेता जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा और उसकी पत्नी विमला ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। दोनों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये कई बड़े नक्सली हमलों में वांछित थे।
जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माओवादी संगठन के स्पेशल ज़ोनल कमेटी मेंबर (SZCM) और दरभा डिवीजन इंचार्ज रहा है। मूल रूप से बोडेगुब्बाल, गगनपल्ली पंचायत (थाना एर्राबोरे, जिला सुकमा) का निवासी जयलाल पिछले 40 वर्षों से संगठन में सक्रिय था और इस दौरान उसने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई।
उसने 1994 में बाल संगठन सदस्य के रूप में शुरुआत की और बाद में दक्षिण बस्तर में CNM सदस्य, वेस्ट बस्तर दलम सदस्य, नेशनल पार्क क्षेत्र में एरिया कमेटी सदस्य (ACM/PPCM), LOS कमांडर और सेक्शन कमांडर जैसे पदों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके अलावा वह दरभा डिवीजन के कंपनी कमांडर, दक्षिण उप-जोनल कमेटी के मिलिट्री प्रभारी और अंत में स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) के रूप में सक्रिय रहा।
जयलाल की पत्नी माड़वी गंगी उर्फ़ विमला (इनाम 8 लाख) दो दशक से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी। उसने LOS, ACS, एरिया कमेटी सेकरेटरी और अंततः मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज के रूप में काम किया। वह मूल रूप से फूलबगड़ी, जिला सुकमा की निवासी है।

