रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 17 दिसम्बर। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने सड़क से लेकर विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ कांग्रेस विधायकों ने सीने में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। वहीं पंडरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए और भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए नारेबाजी की।
सदन शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने सत्यमेव जयते लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने तख्तियों के साथ सदन में बैठने की अनुमति नहीं दी। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।
विपक्ष की ओर से जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया, लेकिन आसंदी ने इसे अस्वीकार कर दिया। सदन में हालात उस वक्त और गरमा गए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष की ओर से सत्यमेव जयते के नारे लगाए गए, जबकि सत्ता पक्ष ने वंदे मातरम के नारे लगाकर जवाब दिया।
प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित होने पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के अनुचित व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि लोकहित से जुड़े विषयों पर सदन की कार्यवाही को बाधित करना निंदनीय है।
स्पीकर ने कहा कि विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही और संसदीय परंपराओं के जानकार हैं, इसके बावजूद उनका यह आचरण अमर्यादित है। उन्होंने कहा कि आगे ऐसा व्यवहार न दोहराया जाए, यह अब विपक्षी सदस्यों के विवेक पर छोड़ते हैं।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नेशनल हेराल्ड मामले में की जा रही कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करते नजर आए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका।

