ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 29 दिसम्बर।
(प्रकाश जैन)
श्री प्राज्ञ संघ पन्ना एवम सोहन गुरु के संघनायक प्रियदर्शन मुनि सा महाराज ने कहा कि हम गुलाम नहीं मालिक बनें। संघनायक नगर के सबसे बड़े जैन समाज के घटक के पिपलिया बाजार जैन स्थानक में धर्म सभा में बोल रहे थे।
संघनायक गुरुदेव ने जिन वाणी का मर्म स्पर्शी वाणी बखान करते हुए श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओ को लगातार एक घंटे तक सामायिक साधना के साथ धर्म ध्यान साधना आराधना करने के जबरदस्त टिप्स दिए।
गुरु भगवन ने कहा कि हमे परमात्मा से एक ही अरदास करनी चाहिए कि वह हमें दास नहीं मलिक बनाएं। पराधीनता में जीवन जीने वाला व्यक्ति गुलाम कहलाता है। स्वाधीनता में जीने वाला व्यक्ति मालिक होता है।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन अति दुर्लभ हमें इस जीवन को जीने की कला गुरु भगवंत की निश्रा में रहकर सीखने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।
संघनायक ने कहा कि मन को भोगों में लगाना या सांसारिक कार्यों के प्रति मोह रखना। मौज शौक सहित मनोरंजन में जीवन व्यतीत करना परतंत्रता है। हम पांच इंद्रियों को गुलामी से आजाद कर मालिक बनने का सद पुरुषार्थ करे तभी मानव जीवन सार्थक होगा।
संघनायक गुरुदेव प्रियदर्शन मुनि का 53 वा जन्मोत्सव कल,तप त्याग से मनाएगा संघ
श्री स्थानकवासी जैन वीर संघ ब्यावर के सिरमौर महेंद्र सांखला एवं मंत्री पदम बंब ने बताया कि संघनायक गुरुदेव प्रियदर्शन मुनि जी महाराज का 53 वा जन्मोत्सव पिपलिया बाजार जैन स्थानक में तप त्याग, धर्म ध्यान, साधना आराधना,जप जाप के विविध कार्यक्रमों के साथ श्रद्धा भक्ति पूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
श्री प्रज्ञा मित्र समिति के अध्यक्ष समाजसेवी रतनलाल भंसाली ने धर्म प्राण श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं से गुरु भगवन के जन्मोत्सव पर आयोजित प्रवचन सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने का विनम अनुरोध किया है। संत मंडल अल्पकालीन प्रवास हेतु बरेली नोहरा जैन स्थानक में विराज रहे हैं।

