ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 3 जनवरी।
(प्रकाश जैन)
शनिवार को ब्यावर नगर बना अध्यात्म एवम धर्म का अनूठा संग,ब्यावर की तपो एवम पुण्य धरा पुलकित एवम प्रफुल्लित हुई जैन धर्म की दिव्य विभूति तेरापंथ धर्म संघ के संघनायक,परम पूज्य जैनाचार्य प्रवर महा श्रमण श्री जी के पावन पदार्पण से हाल ही में राजस्थान सरकार ने पूज्य गुरु भगवन को सूबे की सरकार का अतिथि घोषित कर राष्ट्र संत को सम्मान बहुमान दिया था।

उल्लेखनीय है कि पूज्य राष्ट्र संत महाश्रमण जी पहले ही देश के 05 राज्यों के अतिथि घोषित है। इन सब मान सम्मान से परे हटकर लाखों किलोमीटर की पैदल विहार कर पद यात्रा कर चुके पूज्य भगवन् ने देश विदेश में व्यसन मुक्ति का दिव्य अलख जगाकर 36 कौम से जुड़े लाखों लोगों को व्यसन मुक्त बनाकर जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी,पूज्य गुरुदेव भिक्षु,जैनाचार्य गुरु श्री तुलसी, पूज्य गुरुदेव श्री महाप्रज्ञ जी के आदर्श एवं सिद्धांतों का गांव गांव, ढाणी ढाणी में पावन संदेशों का व्यापक प्रचार प्रसार कर अनुशासन का डंका बजाते हुए ब्यावर जैन समाज के पुरजोर आग्रह को मान देते हुए ब्यावर पहुंचे।

पूज्य गुरु भगवन के दर्शन,सेवा भक्ति एवम आशीर्वचनों की चाह को लेकर समूचा ब्यावर सहित उमड़ पड़ा। वहीं देश विदेश से हजारों श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं सहित जिला प्रशासन एवम पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी ब्यावर जिला पुलिस मुखिया रतनसिंह, उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह,एएसपी भूपेंद्र शर्मा ब्यावर ,ब्यावर सीटी सीओ राजेश
कसाना,सीआई आशुतोष शर्मा, ट्रेफिक इंचार्ज मंगल सिंह सहित पूरे विभाग का जाप्ता व्यवस्था में जुटे हुए दिखाई दिए।

श्री सीमेंट के संयुक्त अध्यक्ष अरविंद खींचा,प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पारस पंच सहित नगर के विभिन्न सामाजिक धार्मिक राजनेतिक संगठनों के प्रमुख गण महाश्रमण पूज्य गुरु देव की अगुवाई कर वंदन नमन कर स्वागत अभिनंदन किया।

अभिनंदन करने वालो में श्री वीर स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष महेंद्र सांखला,पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद मेहता,श्री वर्धमान शिक्षण समिति के अध्यक्ष शांतिलाल नाबरिया,श्री पार्श्व नाथ अस्पताल ट्रस्ट कार्यकारी अध्यक्ष तुलसी बोथरा,महामंत्री कमलेश मोदी,प्रचार मंत्री मनीष कांकरिया गौतम चौधरी, समाज सेवी राजू कुकलोल,रतनलाल भंसाली,
दुलीचंद मकाणा,सुशील रांका,दिलीप नाहटा,दिलीप श्रीश्रीमाल, उत्तम भंडारी,गौतम हिंगड़,विनोद रांका, उत्तम श्री श्री माल सहित गुरु भक्त शामिल थे।

विहार यात्रा में झलका श्रद्धा भक्ति एवम समर्पण भाव
समारोह संयोजक गौतम गोखरू ने बताया कि पूज्य गुरुदेव ने शनिवार सवेरे 8:15 बजे शुभ मुहूर्त में एक रिसॉर्ट से पैदल विहार कर अपने चरण ब्यावर की ओर बढ़ाएं उनके साथ लगभग 100 साधु संतों एवं साध्वियों का बहुत बड़ा कारवां ससंघ हजारों श्रावक श्राविकाओं के साथ जय जयकारों के साथ जैन जवाहर भवन में अल्प प्रवास हेतु चल पड़ा
पूरे विहार मार्ग एवम मंगल प्रवेश मार्ग में चारो ओर भारी तादाद में 36 कौम के महिलाएं पुरुष हाथ जोड़ कतार वद वंदन कर आशीर्वाद एवम गुरु चरणों की रज पाने को आतुर दिखाई दिए।

पार्श्वनाथ अस्पताल में किए दिव्य पगलिए
महा साध्वी रत्ना श्री उमराव कंवर महाराज की स्मृति को जीवट करने के ध्येय से महा श्रमण जी श्री पार्श्वनाथ अस्पताल परिसर पहुंचे पूज्य गुरुदेव करीब 15 मिनिट वहां रहे एवम ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसी बोथरा एवं महामंत्री कमलेश मोदी से अस्पताल की कार्यों की जानकारी ली एवम संस्था के कार्यों की दाद देते हुए दिल से आशीर्वचन दिया साथ ही मानव मात्र की सेवा एवम कल्याण में समर्पित रहने पर बल दिया।इस अवसर पर डॉ हिना व्यास सहित अस्पताल प्रबंधन ने भी महा श्रमण जी का अभिनंदन कर नमन किया।

जीवन में विवेक बहुत जरूरी है,धर्म जीने की सही कला सिखाता है
जैन जवाहर भवन के नानेश रत्नम के विराट पंडाल में विराट धर्म सभा में जिनवाणी की बरखा बरसते हुए महा श्रमण जी ने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है,अनमोल है इस जीवन का सम्यक उपयोग करें।मानव जीवन में विवेक बहुत जरूरी है। विवेकपूर्ण जीवन ही सर्वश्रेष्ठ धर्म है। धर्म जीने की सही कला सिखाता है। इंसान धर्म से विमुख नहीं हो, जिस घर में धर्म ध्यान होता है उसकी 07 पीढ़ी कभी भूख से नहीं मर सकती है। जिस घर में धर्म का वासा होता है वहां सभी सूख शांति बनी रहती हैं।

उन्होंने कहा की मानव अपनी कथनी करनी को एक करें। इंसान का आहार विहार संयमित होना नितांत जरूरी है। इंसान अपने जीवन को नियोजित करें इच्छाओं एवं वासनाओं को सीमित करें मानव जीवन को सार्थक करने के लिए इच्छाओं को सीमित करना अति आवश्यक है।
आगमवाणी जिनवाणी के रहना को व्यर्थ ना गंवाए।मन को साधने से जीवन का उत्थान है सामायिक साधना की महता पर व्यापक विस्तार से जानकारी देते हुए विवेचन करते हुए जीवन में सामायिक साधना पर जोर दिया एवम सामायिक की महता बताई। महा श्रमण जी ने श्रदालूओ को नित्य प्रति सामायिक साधना करने पर बल दिया और कहा कि अनंत अनंत पुन्यवाणी के चलते जो मनुज जीवन मिला है संयम सामायिक से ही उसे सार्थक किया जा सकता है।

इस अवसर साध्वी प्रमुखा विश्रुत श्री जी महाराज,संत दिनेश मुनि जी ने अपने उदगार व्यक्त किए। आयोजन समिति के संयोजक समाज सेवी गौतम गोखरू, साधुमार्गी संघ अध्यक्ष गौतम चौधरी,साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश जैन,तेरापंथ महिला मंडल एवम तेरापंथ युवा मंडल के प्रमुखों ने पूज्य महा श्रमण जी को आगामी चातुर्मास एवम मर्यादा महोत्सव ब्यावर में आयोजित करने की संघ सहित पूरे शहर की ओर से पुरजोर विनती एवम आग्रह किया।
इस मौके पर ख्यातनाम भामाशाह पुखराज बडोला परिवार,अमेरिका की परम गुरु भक्त अनुषा जैन सहित विशेष दल गुरु दर्शन खूब अभिभूत दिखाई दिए अमेरिका से आए इस दल के गुरु चरणों के दर्शन की प्यास को लेकर आंखे भर आई।
गुरुदेव की अगुवाई में तेरापंथ संघ अध्यक्ष धनराज रांका मंत्री रमेश श्री श्री माल, समारोह संयोजक गौतम गौखरू,सह सयोजक मनीष रांका,अशोक रांका,पुखराज बड़ोला,नेमीचंद सुराणा,नौरतमल दुग्गड, रिद्ध करण श्रीश्री माल,कमल छाजेड़ सहित पूरा श्री संघ,युवा संघ महिला मंडल के सेवा समर्पित कार्यक्रताओं की टीम सेवा सत्कार एवम व्यवस्थाओं में जुटी हुई थी।
महा श्रमण जी का कल सवेरे ब्यावर से होगा विहार
ब्यावर।
तेरापंथ अनुशास्ता संघ सिरमौर जैनाचार्य प्रवर महा श्रमण जी रविवार सवेरे जैन जवाहर भवन से पैदल विहार कर मेवाड़ी गेट,श्री टावर,तेलियान चौपड़ तेरापंथ भवन होते हुए महावीर बाजार,एकता सर्कल अजमेरी गेट होते हुए अपनी विहार यात्रा अजमेर की ओर करेंगे।

संघ अध्यक्ष धनराज रांका एवं सयोजक गौतम गोखरू ने बताया कि रविवार सवेरे ससंघ महा श्रमण जी का कारवां ब्यावर से अजमेर होते हुए छोटी खाटू मर्यादा महोत्सव में शिरकत कर आशीर्वाद देते हुए तेरापंथ नगरी लाडनूं पहुचेंगे।जहां उनका आगामी वर्षा कालीन चातुर्मास होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को उनका अल्प प्रवास के डी जैन शिक्षण समिति के अजमेर रोड स्थित स्कूल में होगा।
प्रकाश जैन, अमित मेहता
वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन,अनिल कवाड़
जयपुर ब्यावर किशनगढ़,पाली

