सोजत रोड राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 1 फरवरी ।
(प्रकाश जैन)
जैन स्थानक सोजत रोड में शनिवार कोआचार्य रघुनाथ जी महाराज एवं लोकमान्य संत रूप मुनि महाराज का स्मृति दिवस एवं दीक्षा दिवस तप, त्याग और गुणगान के पावन भावों के साथ प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज, उपप्रवर्तक अमृत मुनि महाराज, युवाप्रणेता महेश मुनि महाराज, बालयोगी अखिलेश मुनि महाराज एवं डॉ. वरुण मुनि महाराज के पावन सानिध्य में मनाया गया।
इस अवसर पर प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानकवासी परंपरा में भूधर जी महाराज की परंपरा के महान आचार्य रघुनाथ जी महाराज का योगदान इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।उन्होंने धर्म के बिगड़ते स्वरूप को सुधार कर उसे पुनः शुद्ध, सरल और व्यवहारिक दिशा प्रदान की।

वहीं लोकमान्य संत रूप मुनि महाराज का जीवन साधना, संयम और पारदर्शिता का जीवंत उदाहरण था उनका जीवन मानो एक खुली पुस्तक था, जिससे हर साधक और श्रावक को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कामना व्यक्त की कि इन महापुरुषों की साधना और तप का वरदहस्त समाज पर निरंतर बना रहे।
उपप्रवर्तक अमृत मुनि महाराज ने गुरुओं के उपकारों को स्मरण करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जिन महापुरुषों ने समाज को जाग्रत किया और सही मार्ग दिखाया, उनके प्रति कृतज्ञता का भाव ही जीवन को सरल, संयमित और सार्थक बनाता है। गुरुओं के जीवन और विचारों से परिचय होना ही सच्ची प्रेरणा का मूल है।

युवाप्रणेता महेश मुनि महाराज, बालयोगी अखिलेश मुनि महाराज एवं डॉ. वरुण मुनि महाराज ने अपने संयुक्त विचारों में कहा कि जब जीवन में सच्चा ज्ञान उदित होता है,तभी चेतना का प्रकाश फैलता है। आज समाज में ज्ञान की अपेक्षा अज्ञान अधिक प्रभावी होता जा रहा है। बच्चों को शिक्षित करना सरल है, किंतु अधूरे ज्ञान से स्वयं को पूर्ण मान लेने वाला व्यक्ति परमात्मा की बातों से भी सीख नहीं पाता, क्योंकि उसने अज्ञान को ही अपने जीवन का आधार बना रखा है।
गुणगान सभा के दौरान पाली श्री संघ से पदमचंद ललवानी, केवलचंद धोका, प्रकाश कटारिया, हुक्मीचंद संचेती, मनमोहन गांधी तथा जोधपुर से ज्ञानचंद पारख, अनिल भंसाली, सोजत सिटी से कैलाश अखावत, विकास धोका सहित श्रावक
श्राविकाओं एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत एवं बहुमान श्री संघ अध्यक्ष मोहनलाल पोखरना,मंत्री पारसमल टोडरवाल, महावीर गांधी, महावीरचंद पावेचा, राजेश खिवेसरा सहित संघ पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

