राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 1 फरवरी। विद्याभूषण दुबे ने कहा ब्राह्मण समाज की बैठक एक महत्वपूर्ण विषय पर करने के लिए आयोजन समिति को बहुत-बहुत धन्यवाद । साथ ही बैठक में अन्य समाजों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी आयोजन समिति बधाई के पात्र हैं।
विद्याभूषण दुबे ने कहा जैसा की मुख्य वक्ता का कहना है कि हमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा करनी चाहिए तो मैं विनम्रता पूर्वक इस सदन से कहना चाहूंगा कि मैं माननीय मुख्य वक्ता जी के विचारों से बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं।
होरिजेंटल और वर्टिकल आरक्षण नियम पारित होने का परिणाम हम लोगों ने भोगा है ,अब हमारे बच्चे भोग रहे हैं । हम लोग चमत्कार की आशा में चुप रहे, निर्णय पारित होने के बाद कोई भी समाज कुछ नहीं कर सकता ।
वर्ष 2019 में भी ईडब्ल्यूएस EWS आरक्षण संविधान में लाया गया। विरोध में सुप्रीम कोर्ट गए लोग सुप्रीम कोर्ट में केस हार गए । बावजूद ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की आवाज को बुलंद करने के बजाय हम लोग खामोश है।
सामान्य वर्ग के विधायक सांसद चुप्पी साधे बैठे हुए हैं , विपक्ष के विधायक सांसद का भी साथ समाज को नहीं मिलता इसलिए समाज को ही आगे आना होगा । जब तक यूजीसी के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश है तब तक अन्य समाज के साथ बैठक कर आगे की रणनीति हमें बनानी होगी।
पूरे प्रदेश में एक अभियान चलाने के लिए सामान्य वर्ग के सभी समाज के लोगों को 1 मंच पर लाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना होगा ।

