(प्रकाश जैन)
वड़ोदरा गुजरात (अमर छत्तीसगढ़) 2 फरवरी।
गुजरात के वड़ोदरा शहर के लक्ष्मी फिल्म सिटी गार्डन स्थित एक रेस्टोरेंट में एक अनूठा अदभुद संगम देखने को मिला।मौकाथा ब्यावर के 191वें स्थापना दिवस का।जिसे ‘ब्यावर एसोसिएशन, वड़ोदरा’ द्वारा प्रथम आत्मीय स्नेह मिलन समारोह के रूप में बेहद उत्साह उमंग के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।

गुलाब व कुंकू तिलक से किया आत्मीय स्वागत
समारोह में ब्यावर प्रवासी लगभग 50 सदस्यों ने शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज राजस्थानी परंपरा के अनुसार सभी आगंतुकों को कुंकु तिलक लगाकर व गुलाब का फूल भेंट कर आत्मीय स्वागत से हुआ। आयोजन के प्रारंभ में कार्यक्रम के सूत्रधार दिनेश श्रीश्रीमाल ने सभी का स्वागत किया।
इसके बाद परिचय सत्र हुआ, जहाँ सदस्यों ने न केवल अपना परिचय दिया,बल्कि ब्यावर में बिताए पलों के साथ साथ गलियों से जुड़ी अपनी पुरानी यादें को भी तरो ताज़ा किया।

”ब्यावर दिल में बसा है, ता जिंदगी दिल से नहीं निकल सकता”
समारोह के दौरान कई बार भावुक कर देने वाले क्षण भी आए। इन भावुक क्षणों में कईयों की आंखें नम हो गई। विगत 05 दशक से वड़ोदरा में बस चुके वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम जताते हुए कहा, ” ब्यावर से तो हम निकल तो गए, पर ब्यावर कभी दिल से नहीं निकल सकता,वो जान से भी प्यारा है। ” इस भावना को शब्दों में पिरोते हुए इति बाफना ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की, कविता के भावों ने सदस्यों को भावविभोर कर दिया।

मनोरंजन में लगाई गहरी डुबकियां, स्नेह भोज का लिए लुफ्त
स्थापना दिवस की खुशी में केक काट का खुशियां सांझा की गई। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी। कार्यक्रम को ज्यादा रोचक बनाने के लिए मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया।जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए गहरी डुबकियां लगाई। अंत में सामूहिक स्मृति-चित्र (ग्रुप फोटो) खिंचवाया गया के साथ वादिष्ट व्यंजनों के साथ भोज का आनंद एवम लुफ्त लिया गया।

आयोजकों की सराहना
समारोह के सफल आयोजन हेतु सभी सदस्यों ने एक स्वर में पिंकी सिसोदिया दिनेश श्रीश्रीमाल व अरिहंत नाहर के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके कार्यों की अनुमोदना की। अंत में सभी प्रवासियों ने संकल्प लिया कि भविष्य में ब्यावर एसोसिएशन के बैनर तले ऐसे गरिमामय आयोजन निरंतर होते रहेंगे।

प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर

