रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 9 फरवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष NDPS न्यायालय ने आरोपी विकास देशमुख को 7 साल के कठोर कारावास और 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) किरण थवाईत की कोर्ट ने सुनाया गया।
विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने बताया कि, 6 दिसंबर 2021 को थाना गुढ़ियारी में पदस्थ उपनिरीक्षक फागुलाल भोई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक महतारी चौक के पास अवैध रूप से गांजा बिक्री के लिए खड़ा है।
सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर सीएसपी को अवगत कराया गया। निर्देश मिलने के बाद पुलिस टीम ने गवाहों और स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर संदेही को घेराबंदी कर पकड़ा और तलाशी ली।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास रखे सफेद प्लास्टिक झोले से पॉलिथीन में रखा 1 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। तौल, समरस और जब्ती की पूरी कार्रवाई गवाहों के सामने की गई। आरोपी गांजा रखने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
जब्त गांजे में से 50-50 ग्राम के दो सैंपल लेकर सीलबंद किया गया और रासायनिक परीक्षण के लिए एफएसएल रायपुर भेजा गया। जांच रिपोर्ट में सैंपल गांजा पाया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
विशेष न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि, मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।

