राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) / मजदूरों के लिए श्रम कानून बने हुए थे, उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा समाप्त कर चार श्रम कोड बनाया गया तथा मनरेगा को समाप्त कर राम जी कानून बनाया गया। इसके विरोध में 10 केन्द्रीय ट्रेड युनियनों द्वारा 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल करने का अव्हान किया गया था, उसी के परिपेक्ष्य में राजनांदगांव जिले के उद्योगों के श्रमिक तथा रसमड़ा क्षेत्र के उद्योगों के श्रमिक जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने फ्लाई ओव्हर के नीचे सुबह से एकत्रित हुए ।
राजनांदगांव जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, रसोईयां, मितानिन, एलआईसी, डाक विभाग के कर्मचारी शामिल हुए ।
सभा को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष तथा एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव बागड़े, सीटू युनियन के छत्तीसगढ़ प्रभारी गजेन्द्र झा, दक्षिण कोशल के सम्पादक सुशांत, छ.मु.मो. के मेघदास वैष्णव, सीटू से पुष्पा चन्द्राकर, चित्ररेखा साहू, राजकुमार ढीमर, भोजराम साहू, दिलीप पारकर आदि वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार उद्योगपति कार्पोरेट घरानों के हितों के लिए मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है । जब तक इस कानून को वापस नही लिया जायेगा तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा ।

सभा समाप्त कर रैली निकाली गई जो जी.ई. मार्ग से गुरूद्वारा चौक, मानव मंदिर चौक होकर जय स्तंभ चौक पहुँचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि नायब तहसील को ज्ञापन सौपा गया । सभा का संचालन तुलसी देवदास व पूनाराम साहू ने किया ।
उक्त जानकरी छ.मु.मो. के महामंत्री पूनाराम साहू के द्वारा दी गई ।


