जिनवाणी श्रवण से होगा आत्म कल्याण – युगप्रभ मुनि

जिनवाणी श्रवण से होगा आत्म कल्याण – युगप्रभ मुनि


ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 17 फरवरी ।
संयम सुमेरु, नानेश पट्टधर,जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरुदेव के सुशिष्य संत प्रवर तरण तपस्वी श्री युग प्रभ मुनि ने जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन में नियमित प्रवचन श्रृंखला में धर्म सभा में कहा कि मानव जीवन अनमोल हे। अनमोल जीवन के समय को इंसान सार्थक करना सीखे और नित्य जिनवाणी श्रवण करने का नियम बनाए जिन वाणी श्रवण से ही आत्म कल्याण होगा।
तरुण तपस्वी संत युग प्रभ मुनि ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी से जिनवाणी सुधर्मा स्वामी ने सुनी।वहीं जंबू स्वामी ने सुधर्मा स्वामी से सुनी,यही जिन वाणी आगम के माध्यम से हम सब के सामने है और हम निरंतर सुन रहे हैं।। हम इस जिन वाणी को श्रवण कर आचरण में लाकर मानव जीवन को सार्थक करने का सदप्रयास करें।
धन का सदुपयोग मानव कल्याण में करें
संत प्रवर ने कहा कि इंसान अपनी शक्ति एवम धन का सही दिशा मे उपयोग करें। पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों के कारण आप साधन संपन्न है लक्ष्मी मां की कृपा आप बरस रही है तो इस धन का दोनों हाथों से उदारता से मानव मात्र के कल्याण एवम असहाय लोगों के जीवन उत्थान में लगा सके तो सबसे बड़ा धर्म होगा। धर्म दिखावे एवम आडंबर के लिए नहीं करते हुए जीवन में उतारने का प्रयास करे। धर्म की जड़ सदा हरी होती है। जिस घर में नियमित धर्म ध्यान तप त्याग होता वहां कोई कमी हो ही नही सकती।
महावीर को मानते, महावीर की क्यों नही मानते
तरण तपस्वी ने कहा हम भगवान महावीर के अनुयाई है हम महावीर को मानते है प्रभु महावीर की क्यों नहीं मानते। मानव को प्रभु महावीर के दिव्य संदेशों को आत्मसात करने की नितांत आवश्यकता है। इस मौके पर संत अभिनव मुनि ने कहा कि इंसान को जीवन जीने की सही कला आना जरूरी है।जीवन जीने की सही कला गुरु भगवन के निश्रा में ही निहित है इस लिए संत समागम को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए संचालन संघ अध्यक्ष संपतराज ढेडिया ने किया।
श्रद्धालुओ में झलका विशेष उत्साह,लगा धर्म ध्यान का अनुपम ठाठ
संघ के मीडिया प्रभारी एवम युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने बताया कि संत मंडल के ब्यावर पदार्पण से युवा वर्ग एवम महिला मंडल में विशेष जागरणा आई है। संत मंडल के प्रवास स्थल नवकार भवन में दिन भर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं सामायिक साधना के साथ धर्म ध्यान में तल्लीन है। मंगलवार को ब्यावर सहित खरवा सारोठ,बाबरा,
टांटोटी,बाबरा,अजमेर,नासून सहित अनेक क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु श्राविकाओं ने धर्म चर्चा,तत्व चर्चा,प्रवचन में शिरकत कर पुण्य का अर्जन किया। वहीं देवसी एवम रायसी प्रतिक्रमण कर अपने पापों का प्रायश्चित किया।

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