रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 24 फरवरी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट पेश कर रहे हैं। प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए नक्सलियों के प्रभाव से बाहर निकल रहे बस्तर के साथ-साथ सरगुजा क्षेत्र के लिए भी खजाना खोल दिया है।
छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से सीजी वायु योजना की शुरुआत। इसके लिए 30 करोड़ का प्रावधान किया गया। बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर से नियमित फ्लाइट को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर एयरपोर्ट को विकसित करने में कोई कमी ना रह जाए यह प्रयास है। इसके लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सिकासार लिंकिंग परियोजना का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। इस योजना के लिए 3047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
सिकासार लिंकिंग परियोजना का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। इस योजना के लिए 3047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
SCR यानी राज्य राजधानी क्षेत्र को आगे बढ़ाने शुरुआती तौर पर 68 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क योजना की शुरुआत की जाएगी। इससे कई सड़कों का निर्माण और विकास किया जाएगा। इसके लिए 200 करोड़ की राशि का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।
मितानिन कल्याण योजना के लिए 350 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राजधानी रायपुर में प्रदेश के पहले होम्योपैथिक कॉलेज की शुरुआत की जाएगी।
दवाइयां की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण हेतु 25 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
मोदी की गारंटी में बालिकाओं के जन्म होने पर उन्हें गरिमामय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया था। इस बजट में हम रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं। नोनी के 18 वर्ष पूरा होने पर उसे डेढ़ लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
500 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ का प्रावधान किया है।
पोषण आहार योजना हेतु 235 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
आंगनबाड़ियों के संचालन हेतु 800 करोड़ का प्रावधान है।
महतारी वंदन योजना के 8200 करोड़ का प्रावधान किया है।
इंद्रावती नदी पर 68 किलोमीटर नहर की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण की राशि बढ़ाकर 75 करोड़ की गई।
कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 50 करोड़ का प्रावधान।
बस्तर और सरगुजा में आजीविका की नए स्रोत विकसित होंगे। एलायड सेक्टर में विशेष फोकस किया जाएगा। राइस मिल, पोल्ट्री फार्म, वनोंपज संस्करण जैसे बड़े केंद्र खुलेंगे। इसके लिए योजना की शुरुआत की जाएगी। 100 करोड़ की राशि का प्रावधान इसके लिए किया गया है।
मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
बस्तर टूरिज्म पॉलिसी के लिए 10 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
बस्तर के सुदूर अंचलों में बस संचालन के लिए 10 करोड़ की राशि का प्रावधान।
बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी की स्थापना होने जा रही है। दोनों एजुकेशन सिटी के लिए 100-100 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए पांच पांच करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है।
1 लाख 72 हजार करोड़ तक पहुंचा छत्तीसगढ़ के बजट का आकार।

