अंकित जैन ने गुरु चरणों में आज्ञा-पत्र किया समर्पित, बनेगा संयम पथ का पथिक,गूंजे अनुमोदना के उद्घोष

अंकित जैन ने गुरु चरणों में आज्ञा-पत्र किया समर्पित, बनेगा संयम पथ का पथिक,गूंजे अनुमोदना के उद्घोष

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 25 फरवरी।
(प्रकाश जैन)
जिनशासन गौरव, प्रज्ञानिधि, समरस शिरोमणि, युगपुरुष जैनाचार्य प्रवर 1008 श्री विजयराज जी म.सा. के पावन सानिध्य में मुमुक्षु श्री अंकित जी जैन, निवासी उदयपुर का संयम मार्ग पर आरूढ़ होने हेतु आज्ञा-पत्र आज रविवार को बालोतरा में मुमुक्षु के परिजनों द्वारा गुरु भगवन श्री के पावन चरणों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं भावपूर्ण समर्पण के साथ अर्पित किया गया। इस मौके पर ब्यावर सहित प्रदेश के अनेक स्थानों से श्रद्धालु गण ने शिरकत की।


श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएएस राजू भाई भुरट ने बताया कि जैसे ही मुमुक्षु अंकित जैन के परिवार जनों ने नानेश पट्टधर पूज्य श्री विजय गुरुदेव के श्री चरणों में आज्ञा पत्र प्रस्तुत किया पूरी धर्म सभा वंदे वीरम वंदे वीरम, अनुमोदना अनुमोदना बारंबार के उद्घोषों से गूंज उठी।
आज्ञा पत्र वैराग्य श्रद्धा समर्पण भावों का पवित्र संकल्प हैं
श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री एवम संघ मीडिया प्रभारी प्रकाश जैन ने बताया मुमुक्षु अंकित जैन श्री विजय गुरु संघ के विद्यावाग्मी मुनि श्री निखिल प्रिय जी म.सा.के संसार पक्षीय भ्राता हैं।संत निखिल प्रिय मुनि वर्तमान में आचार्य प्रवर श्री विजय गुरु की पावन
बगिया में जिनशासन की दिव्य ज्योति को प्रदीप्त कर रहे हैं।
संघ के राष्ट्रीय सिरमौर श्री भूरट ने इस मौके पर कहा कि मुमुक्षु अंकित का आज्ञा-पत्र केवल एक औपचारिकता नहीं, अपितु वैराग्य,श्रद्धा व समर्पण का पवित्र संकल्प है।
संपूर्ण संघ ने शासन पति श्री महावीर वीर प्रभु से मंगलकामना है कि मुमुक्षु का यह आध्यात्मिक पथ दृढ़, उज्ज्वल एवं कल्याणकारी बने। जिनशासन जयवंत रहे,संयम धर्म की जय हो एवम श्री नाना गुर,श्री शांति गुरु,श्री विजय गुरु,श्री जितेश गुरु की जयकारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो गया।


प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन,अनिल कवाड़
फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर पाली

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