नानेश पट्टधर,जैनाचार्य भगवन श्री विजय गुरु के सांसारिक भाई का संथारा सहित महाप्रयाण

नानेश पट्टधर,जैनाचार्य भगवन श्री विजय गुरु के सांसारिक भाई का संथारा सहित महाप्रयाण

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 26 फरवरी।
(प्रकाश जैन)
राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी में एक अत्यंत करुण एवं आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायी घटना घटित हुई। नानेश पट्टधर,संयम सुमेरु,जैनाचार्य भगवन 1008 श्री विजयराज जी म. सा.के सांसारिक भ्राता सुश्रावक श्री धनराज सोनावत निवासी–बीकानेर, हाल मुकाम–इरोड का मंगलवार शाम 6:30 बजे जयपुर स्थित नवकार भवन में संथारा सहित मह प्रयाण हो गया।
उल्लेखनीय रहे कि श्री सोनावत संसार पक्षीय बहिन पूज्य श्री प्रभावती जी म.सा. एवं भानजी श्री युगप्रभा जी म.सा. के पावन चरणों में विराजमान थे। 02दिन पूर्व ही सोनावतअपनी धर्मसहायिका श्रीमती कंचन देवी सोनावत तथा सुपुत्र श्री गौतम जी कमल जी सोनावत के साथ संघ की वरिष्ठ साध्वीरत्ना
पूज्या महासती श्री प्रभावती जी म.सा.एवम साध्वी मंडल के lदर्शनार्थ जयपुर आए थे। किन्तु एकाएक स्वास्थ्य अत्यंत गंभीर होने पर पूज्या महाश्रमणी रत्ना श्री प्रभावती जी म.सा. की प्रेरणा एवं सानिध्य में श्री सोनावत साहब ने संथारा ग्रहण किया व पूर्ण सजगता,
समता एवं धर्मभाव के साथ रमण करते रहें।
जीवन के अंतिम क्षण तक पूर्ण रूपेण सजग रहे,नवकार महामंत्र का पावन स्मरण करते करते ली अंतिम सांस..
श्री सोनावत जीवन के अंतिम पल तक पूर्ण सजगता से नवकार महामंत्र का स्मरण करते करते महाप्रयाण यात्रा की ओर निकल गए।
यह भी संयोग था कि मंगलवार को ही सोनावत के इरोड वापसी के टिकट निर्धारित थे। किन्तु विधाता की व्यवस्था कुछ और ही थी। गुरुचरणों में,धर्ममय वातावरण में, संथारा सहित महाप्रयाण अत्यंत पुण्यशाली आत्माओं को ही प्राप्त होता है।
सोनावत परिवार ने उच्च मानवीय आदर्श की मिसाल दी,देहदान करवाया…
परिवारजनों ने उच्च मानवीय आदर्श प्रस्तुत करते हुए देहदान का महान निर्णय लिया व मंगलवार को ही जयपुर में देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की। यह निर्णय न केवल प्रेरणादायी है।अपितु संपूर्ण समाज के लिए एक अनुकरणीय संदेश भी है।
जीवन क्षण भंगुर है =महासाध्वी रत्ना प्रभावतीजी….
इस मौके पर महाश्रमणी साध्वी रत्ना श्री प्रभावती म.सा. ने कहा कि निश्चित ही समय अनिश्चित हैजीवन क्षणभंगुर है। अतः इंसान को प्रत्येक क्षण को धर्म,साधना और सद्कर्म में नियोजित करना ही श्रेयस्कर है।
जैन समाज ने सेवा समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया,पूर्ति असंभव=आईएएस भुरट साहब
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय सिरमौर आईएएस राजू भाई भूरट ब्यावर संघ अध्यक्ष संपतराज ढेडिया एवम युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने कहा कि समाज ने एक सेवा समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है। जिसकी पूर्ति असंभव हैं।
ब्यावर के मेवाड़ी गेट बाहर जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन संघ कार्यालय में संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कर्णावट,संघ महामंत्री कमल छलानी सहित सदस्यों ने 02
लोगग्स का काऊसर्ग कर उन्हे श्रद्धांजलि दी।
प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन,फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर

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