गुरुभक्ति के रंग में रंगा शांति भवन, आदर की चादर ओढ़ाकर प्रवर्तक सुकन मुनि का श्रद्धायुक्त अभिनंदन…. मैं जो कुछ भी हूँ, गुरु मिश्री की कृपा से हूँ – प्रवर्तक सुकन मुनि

गुरुभक्ति के रंग में रंगा शांति भवन, आदर की चादर ओढ़ाकर प्रवर्तक सुकन मुनि का श्रद्धायुक्त अभिनंदन…. मैं जो कुछ भी हूँ, गुरु मिश्री की कृपा से हूँ – प्रवर्तक सुकन मुनि

भीलवाड़ा राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 4 मार्च।

(प्रकाश जैन)
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,शांति भवन (भोपालगंज) के तत्वावधान में मरुधरा भूषण,श्रमण
संघीय प्रवर्तक सुकन मुनि सा के 64वें दीक्षा दिवस एवं होली चातुर्मास महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ हर्षोल्लास पूर्वक भक्ति भावों से संपन्न हुआ।
शांति भवन परिसर में अल भोर से पूरे दिन आध्यात्मिक एवम धार्मिक वातावरण छाया रहा साथ ही श्रद्धालुओं की भारी तादाद की साक्षी ने आयोजन को नए आयाम प्रदान कर दिया।


संयमी जीवन यात्रा का श्रेय पूज्य गुरु मिश्री को समर्पित
पूज्य गुरुदेव के दीक्षा दिवस के पावन मौके प्रवर्तक सुकन मुनि सा भावुक हो उठे। प्रवर्तक श्री ने अपने आशीर्वचन में अपनी संयमी जीवन यात्रा का श्रेय परम पूज्य गुरुदेव मिश्रीमल जी म सा.को समर्पित करते हुए कहा,समाज आज मेरा दीक्षा दिवस मना रहा है,पर वास्तव में यह गुरु-भक्ति पूज्य गुरु देव द्वारा दिए गए संस्कारों का उत्सव है। मैं जो कुछ भी हूँ, गुरुदेव की विशेष महर कृपा से हूँ।


संयम के जिस शिखर पर खड़ा हूं,यह मेरी व्यक्तिगत साधना का परिणाम नही =सुकून मुनि
प्रवर्तक श्री ने पूज्य गुरुदेव का स्मरण करते हुए बेहद भावुक दिखाई दिए कहा कि संयम के जिस शिखर पर मै आज खड़ा हूं ,वह उनकी व्यक्तिगत साधना का परिणाम नहीं, बल्कि गुरुदेव की अनुकम्पा, मार्गदर्शन व कठोर अनुशासन का प्रतिफल है। गुरुकृपा ने ही उन्हें आत्मकल्याण के कठिन पथ पर अडिग रखा एवम धर्मप्रभावना के कार्यों में निरंतर सक्रिय बनाए रखा।


होली बाहरी रंगो की नहीं,भीतरके विकारों को तप की अग्नि में समर्पित करना =डॉ वरुण मुनि
समारोह का प्रभावी एवम कुशल संचालन कर रहे डॉ. वरुण मुनि (डी.लिट्ट.) ने अपने ओजस्वी संबोधन में होली के आध्यात्मिक रहस्य को रेखांकित करते हुए कहा कि वास्तविक होली बाहरी रंगों की नहीं, बल्कि अंतर्मन के विकारों को तप की अग्नि में समर्पित करने की है। जब साधक राग-द्वेष व कषायों को साधना से शांत करता है,तभी जीवन में सच्चे उत्सव का अनुभव होता है।


संत वरुण मुनि सा ने प्रवर्तक सुकन मुनि के 64 वर्ष के दीक्षा प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार एक बालक ने सांसारिक सुख- सुविधाओं का त्याग कर गुरुचरणों में स्वयं को अर्पित कर दिया। यह प्रसंग त्याग, तितिक्षा व आत्मनिष्ठा की ऐसी प्रेरक गाथा है। जो आने वाली कई पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
प्रवर्तक सुकून मुनि सा के 64 वर्षो की दीक्षा यात्रा साधना अदभुत
युवाप्रणेता महेश मुनि,मेवाड़ गौरव रविन्द्र मुनि,ध्यान दर्पण मुनि वीतराग मुनि,वरिष्ठ महासती रत्ना पुष्पलता जी म.सा.उपप्रवर्तिनी मंजूला ज्योति, डॉ.वारिधी सहित संत मुनिराज व साध्वीवृंत अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की यह केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि आत्मशुद्धि, अंतर्मंथन व सद्गुणों के जागरण का पर्व है।इन्होंने सामूहिक रूप से प्रवर्तक सुकन मुनि जी महाराज के संयममय जीवन को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि 64 वर्षों की दीक्षा यात्रा साधना,अनुशासन व समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। यह यात्रा केवल व्यक्तिगत तप नहीं, बल्कि समाज के नैतिक उत्थान का आधार है।


समारोह में इन्होंने की शिरकत
भीलवाड़ा श्रीसंघ मंत्री नवरतनमल भलावत ने बताया कि दीक्षा दिवस प्रसंग पर शांति भवन के संरक्षक नवरतनमल बंब,अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद चीपड़,सुशील चपलोत, नरेंद्र भंडारी,कंवरलाल सूरिया,मदनलाल चौरड़िया,मीठ्ठालाल सिंघवी,जीतो के राष्ट्रीय वाइस डायरेक्टर महावीर सिंह चौधरी, आनंद चपलोत, मनोहरलाल सूरिया, बाबूलाल सूर्या,प्रकाश पीपाड़ा,समारोह के लाभार्थी सुनीता राजेंद्र सकलेचा,महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के अध्यक्ष पंकज लालानी,मनीष बड़ोला,शांति जैन महिला मंडल की अध्यक्षा सिम्मी पोखरना,चंदा कोठारी,अंबेश युवक मंडल के अध्यक्ष रिंकू कुकड़ा सहित अनेक पदाधिकारियों ने जय घोष, जयकारे लगाते हुए प्रवर्तक सुकन मुनि को आदर की चादर ओढ़ाकर वंदन कर अभिनंदन किया।


समारोह प्रवक्ता सुनील चपलोत ने बताया कि कार्यक्रम का भव्य मंगलाचरण से हुआ। शांति जैन महिला मंडल द्वारा भावपूर्ण स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद चीपड़, महावीर सिंह चौधरी, राष्ट्रीय जैन कॉन्फ्रेंस की पूर्व अध्यक्षा पुष्पा गौखरू,लाड़ मेहता सहित वक्ताओं ने कहा कि प्रवर्तक सुकन मुनि का जीवन समाज के लिए प्रकाशस्तंभ के समान है। उनका संयम,सेवा और समर्पण भाव नई पीढ़ी को नैतिकता,धैर्य और साधना की दिशा प्रदान करता है।
समारोह में नवरतनमल गुंदेचा,गौतम गुगलिया,सुरेश गुंदेचा,दिनेश भलगट, मंगलचंद मुणोत एवं महेंद्र खमेसरा
सहित अनेक अतिथि सहित भारी तादाद में श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं न उपस्थित होकर धर्म लाभ लिया।
प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन अनिल कवाड़
फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर पाली

Chhattisgarh