बीजापुर(अमर छत्तीसगढ़) 28 मार्च । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला मुख्यालय से गोरना और मनकेली गांव में मुरमिकरण सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क ठेकेदार पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिना फॉरस्ट क्लियरेंस के पेड़ों की कटाई की जा रही है।
साथ ही मट्टी और मुरुम को खोजा जा रहा है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। वह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले पर डीएफओ ने जांच टीम गठित कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गोरना और मनकेली में मुरमिकरण सड़क निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों में विकास के नाम पर सड़क, पुल, पुलिया और बिजली के निर्माण में खुशी तो है, लेकिन उनके आजीविका के साधन के लिए बरसों से जो महुआ, टोरा, ईमली के विशालकाय पेड़ कटने से नारजगी है। उन्होंने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार पर वन विभाग के परमिशन के बिना पेड़ों की कटाई का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि आजीविका के पेड़ को काटना पूर्णता गलत है। इन पेड़ों को ठेकेदार ने गिराने से पहले ना तो हम ग्रामीणों से किसी प्रकार बातचीत की और ना ही ठेकेदार वन विभाग से इसकी अनुमति ली गई। ठेकेदार को जगह चिन्हित कर मुरुम को खोदकर डालना चाहिए था। लेकिन वह अपने लाभ के लिए सड़क के किनारों से ही जेसीबी के माध्यम से मिट्टी और मुरुम की खुदाई कर रहा है।
इस लापरवाही के कारण एक ओर ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हुई है, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ये गड्ढे अब ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या और खतरे का कारण बन चुके हैं। आने वाले समय में इन गड्ढों में किसी भी ग्रामीण के गिरने की आशंका बनी हुई है, जिससे दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों की मांग है कि इनके कार्य को रोका जाए। साथ ही ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले पर सामान्य वन विभाग डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े ने कहा कि इस पर हमारी ओर से एक जांच टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के बाद जो दोषी पाए जायेगा, उसपर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

