आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चाचातुर्मास-2026… आत्मा अमर है, उसे कोई नष्ट नहीं कर सकता : साध्वी मंजुलाश्रीजी

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चाचातुर्मास-2026… आत्मा अमर है, उसे कोई नष्ट नहीं कर सकता : साध्वी मंजुलाश्रीजी

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 29 जुलाई । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी में आयोजित प्रवचन में पूज्य साध्वी मंजुलाश्रीजी महाराज साहिबा ने कहा कि इतिहास हमें गुरु परंपरा की महानता का बोध कराता है। भारत केवल रत्नों की ही नहीं, बल्कि संतों और महापुरुषों की भी भूमि रहा है, जिनकी आध्यात्मिक शक्ति के आगे बड़े-बड़े विजेता भी नतमस्तक हुए हैं।

उन्होंने सिकंदर और उसके गुरु अरस्तु का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब सिकंदर भारत विजय के लिए निकला तो उसके गुरु ने उससे कहा कि यदि भारत से किसी संत को अपने साथ ले आओ, तभी तुम्हारी विजय पूर्ण मानी जाएगी। भारत पहुंचने पर सिकंदर के सैनिक एक संत के पास पहुंचे, लेकिन साधना में लीन संत ने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया। साधना पूर्ण होने के बाद भी संत ने स्पष्ट कहा कि यदि सिकंदर को उनसे कोई कार्य है तो उसे स्वयं आना चाहिए।

साध्वीश्री ने बताया कि जब सिकंदर स्वयं संत के पास पहुंचा और साथ चलने का आग्रह किया, तब संत ने मना कर दिया। क्रोधित होकर सिकंदर ने तलवार उठाई तो संत ने शांत भाव से कहा कि तलवार उनके शरीर को नष्ट कर सकती है, आत्मा को नहीं। यह सुनकर सिकंदर पहली बार आत्मा के वास्तविक स्वरूप से परिचित हुआ और संत के प्रति श्रद्धा से भर गया।

उन्होंने कहा कि बाद में जब सिकंदर जीवन के अंतिम समय में पहुंचा तो उसे संत के शब्दों का महत्व समझ में आया। उसने स्वीकार किया कि आत्मा का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लेकिन मनुष्य स्वयं अपने कर्मों से अपनी आत्मा को मलिन करता है।

प्रवचन के अंत में साध्वी मंजुलाश्रीजी ने कहा कि चातुर्मास के चार महीने आत्मशुद्धि और आत्मसुधार का श्रेष्ठ अवसर हैं। इन दिनों में संयम, साधना और सदाचार का अभ्यास इस प्रकार करना चाहिए कि पूरे वर्ष धर्ममय जीवन जीने के लिए चातुर्मास की प्रतीक्षा न करनी पड़े।

गुरु पूर्णिमा पर दादाबाड़ी में श्रद्धा के साथ हुई चारों दादा गुरुदेव की विशेष पूजा

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 29 जुलाई । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंगलवार को श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी, एमजी रोड, रायपुर में चारों दादा गुरुदेव की विशेष पूजा श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने चारों दादा गुरुदेव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए सुख-समृद्धि और आत्मकल्याण की मंगलकामना की। आयोजन समिति के आह्वान पर समाजजन बड़ी संख्या में दादाबाड़ी पहुंचे और गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सहभागिता निभाई।

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