रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 29 जुलाई । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट, रायपुर द्वारा 1 अगस्त से 18 सितंबर 2026 तक 48 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर तप का आयोजन किया जाएगा। यह तप आराधना पूज्य प्रवर्तिनी महोदया, कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका निपुणा श्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या एवं प्रवचन प्रभाविका पूज्य मंजुला श्रीजी म.सा. के पावन सान्निध्य में संपन्न होगी।
आयोजकों ने बताया कि श्री सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का सर्वोच्च सिद्ध क्षेत्र माना जाता है, जहां 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। अनादिकाल से यह पावन भूमि आत्माओं की साधना, तप और मुक्ति की साक्षी रही है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं को तप, संयम और आत्मकल्याण की साधना से जोड़ने के उद्देश्य से इस विशेष आराधना का आयोजन किया जा रहा है।
समिति के अनुसार यह तप केवल उपवास का अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है। तप पूर्ण होने के पश्चात सभी तपस्वियों को श्री सम्मेद शिखरजी एवं पंचतीर्थ यात्रा का लाभ भी कराया जाएगा।
श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट एवं आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से इस दिव्य आराधना में सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

