ब्यावर (अमर छत्तीसगढ़) 31 मार्च।
आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की महती कृपा से भगवान महावीर जन्म कल्याणक प्रयाय ज्येष्ट श्री अनन्त मुनि जी म सा आदि ठाणा 10 शासन दीपिका श्री रोशन कंवर जी म सा आदि ठाणा व शासन दीपिका विध्यावती जी म सा आदि ठाणा4 के सानिध्य मे मनायी गयी।
इस दौरान शासन दीपक श्री छत्रांक मुनि जी म सा ने कहा भगवान महावीर का जीवन बिल्कुल स्पष्ट था उन्होंने हम सबके स्वंय के लिए आत्म कल्याण का रास्ता बताया क्योंकि आत्मकल्याण स्वंय के लिए होता है। जैसे शेर स्वंय के लिए शिकार करता है उसे भरोसा है अपने काम पर हमे भी अपने आप पर सार्थक बने, सब कुछ सहने करने मे समर्थ होना चाहिए। साधना करने से अनुभव मिलता है।

श्री श्रुतप्रभ जी म सा ने कहा हमारा बडा सौभाग्य है इस पंचमकाल मे जन्म लिया भगवान महावीर की वाणी सुनने को मिल रही उनकी विशेषता अलग थी सभी तीर्थंकरो के कर्म एक तरफ भगवान महावीर के कर्म एक तरफ उन्होने दीक्षा लेने के बाद कम उम्र मे सारा सुख छोड कर साढे बारह साल मे अपने सारे कर्मो का क्षय कर दिया। भगवान की किर्ती इतनी ज्यादा हे उसे प्रकट करने की जरुरत ही नही पडती।उन्होने सारा ध्यान खडे खडे किया।

शासन दीपिका विध्यावती जी म सा ने भजन से बताया जन जन की वो आंखे जिसने पल देखा, पावन देखो दृष्टि जिसने पल देखा, जन्म मे देवो का नमन देखा। भगवान महावीर ऐसे थे जिसने अंगुली से मैरुपर्वत को हिला दिया,चण्डकौशिक को देव बना दिया, अर्जुन माली को उसी जन्म मे तिरा दिया। जब कुण्डल पुर से शहनाई बजी त्रिशला के वीर जन्म चैत सुद तेरस को लिया।
श्री पराग श्री जी म सा ने बताया भगवान महावीर के जन्म के पहले राग द्वेष का भंयकर अंधकार छाया था, भगवान महावीर का जन्म अलौकिक आभा को लेकर हुआ था, देवलोक के देव अवधि ज्ञान से देखा आज महान व्यक्ति का जन्म हुआ जो तीर्थंकर बनेगे।
उन्होने अहिंसा स के सिद्धांत सभी जीवो का उद्दार किया था वही नारी जाति का भी उद्दार किया गया, हमे विजय की साधना करते रहना चाहिए।
जवाहर भवन मे हुआ स्वाध्याय
सकल जैन समाज के श्रावक श्राविकाऔ द्वारा भगवान महावीर जन्मकल्याणक के उपलक्ष मे हर वर्ष की भांति इस बार जवाहर भवन मे सुबह 6:15 से 7:15 तक स्वाध्याय किया गया उसमे सैकड़ो जनो ने स्वाध्याय करके अपने कर्मो की निर्जरा करी अंत मे आचार्य श्री रामेश की शिष्या शासन दीपिका श्री मनीषा श्री जी म सा ने जवाहर भवन आकर मांगलिक फरमायी।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर.

