भगवान की वाणी भूत भविष्य वर्तमान मे रहने वाली- श्री छत्रांक मुनि

भगवान की वाणी भूत भविष्य वर्तमान मे रहने वाली- श्री छत्रांक मुनि

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 1 मार्च। आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की महती कृपा से आचार्य श्री रामेश का 75 वा जन्म दिवस प्रयाय ज्येष्ट श्री अनन्त मुनि जी म सा आदि ठाणा 10 शासन दीपिका श्री रोशन कंवर जी म सा आदि ठाणा व शासन दीपिका विध्यावती जी म सा आदि ठाणा4 के सानिध्य मे तप त्याग के साथ मनाया गया।
शासन दीपक श्री छत्रांक मुनि जी म सा ने समता भवन मे प्रवचन से कहा भगवन की वाणी भूत वर्तमान भविष्य मे रहने वाली है, उनके भाव बडे उचित होते एक तरफ देखते है, जिनका लक्ष्य मोक्ष की और होता है उसका गुणगान सभी लोग करते है, भगवन ने कभी भी किसी की निंदा नही करी न ऐसा काम करा जो निंदनीय हो।

म सा ने कहा कुछ लोगो को साधु की निंदा अपमान करने मे मजा आता पर उन्हें कुछ हाथ नही आने वाला साधु के लिए प्रशंसा कोई काम की नही होती।जो गुरु ने बोल दिया वो सत्य है, लक्ष्य अर्जुन की तरह होना चाहिए ताकि मोक्ष जा सके, गुरूदेव की दृष्टि हमारे पर बनाये रखते है।


शासन दीपिका श्री विध्यावती जी म सा ने कहा भगवान महावीर के पाट को नाम आगे बढाने वाले हमारे अराध्य देव राम गुरु राजेश मुनि को वंदन करते है, वह समता क्षमाशील सयंम राम गुरु के समोशरण से ज्ञान दर्शन चरित्र बिखरता है, उनकी नयनो की दृष्टि ऐसी है जिसकी नजर मिल गयी वह तीर गया। भजन से कहा तेरा दिल करुणा का दरिया सबके मन को भा गया।


शासन दीपिका महासती श्री मनीषा श्रीजी म सा ने भजन से कहा जिनशासन की नोकरी जिनशासन का काम, तेरा नाम लम्हो पर हर पल रहता जाए, धरती का अलंकार मनुष्य है, मनुष्य का अंलकार लक्ष्मी है। संग्रह ऐसा हो जो संघ समाज के काम आ सके।दान देने से समकित रत्न की प्राप्ति होती है, सयंम सुखकारी हे तू धार सके तो धार।


साध्वी श्री प्रखर श्री जी म सा ने भजन से कहा भाग्यशाली है हम पुण्यशाली जो गुरु राम को पाये अब कुछ नही मांगे भगवान से, गवरा नन्दन सबके मन मे जम गये क्योंकि वह सरल है किसी से लाग लपेट नही रखते, अपने सिद्धांतो पर चलते हमे उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। संचालन महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने करा ओर आज आयंबिल, ऐकासन उपवास आदि के प्रत्याखान लिए आज पक्खी होने से सांयकाल प्रतिक्रमण पौषद करने का लक्ष्य रखे।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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