12 श्रावक श्राविकाओं ने की आयंबिल तप, 12 वर्षीय अर्हम ने की 9 दिनों तक कठिन तप

12 श्रावक श्राविकाओं ने की आयंबिल तप, 12 वर्षीय अर्हम ने की 9 दिनों तक कठिन तप

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 2 अप्रैल । श्री दशा श्रीमाली स्थानकवासी जैन संघ में नव पद की आयंबिल ओली पिछले 9 दिनों से की जा रही है। इस तप मे 9 दिनों तक लगातार तेल किसी भी प्रकार के मसाले के बिना भोजन ग्रहण दिन में एक बार किया जाता है। यह नीरस तप के रूप में किया जाता है।

तप में समाज के सबसे छोटे 12 वर्षीय अर्हम तेजाणी ने भी 9 दिनों तक इस कठिन तपस्या को किया।


यह तप समाज के 12 श्रावक श्राविकाओं ने किया है
आज 9 दिन व्रत करने के बाद उसका पारणा उत्सव मनाया गया । पारणा उत्सव में समाज के समस्त सदस्यों उपस्थित रहे और तप की अनुमोदना के साथ-साथ तपस्वीयों की साता पूछी गई ।


यह तप बहुत ही दुर्लभ रूप से किया जाता है यह तप करने वाले 24 घंटे में एक बार भोजन ग्रहण करते हैं यह बहुजन के सभी पदार्थ उबाल कर बनाए जाते हैं। जिसमें मिर्च मसाले एवं तेल का उपयोग नहीं किया जाता है।

सादा उबला हुआ भोजन प्रत्येक जन द्वारा किया जाता है । साथ है सूर्योदय से सूर्यास्त तक उबला हुआ पानी अर्थात गर्म पानी पिया जाता है।


इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष भगवान दास सुतारिया, गोपाल वेलाणी, केतन सुतारिया, दीपक गांधी, हेमा, पूनम, राजू भाई, कीर्ति सहित समाज के लोग उपस्थित थे।

12 वर्षीय अर्हम ने की तपस्या
टिकरापारा निवासी भाविका सुदीप तेजाणी के सुपुत्र 12 वर्षीय अर्हम तेजाणी ने भी इतने कम उम्र मे इतनी बड़ी तपस्या की।

समाज के लोगों ने अर्हम तेजाणी की इस उपलब्धि पर कहा कि यह समाज के लिए गर्व की बात है।

इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी तपस्या करना वाकई सराहनीय है। अर्हम को बहुत-बहुत बधाई के साथ समाज के लोगों ने अनुमोदना की ।

समाज के 12 तपस्वी
यह तप करने वाले रश्मि बेन तेजाणी, ज्योत्सना बेन तेजाणी, उषा बेन शाह, दीप्ति बेन वोरा, सुधा बेन गांधी, हेतल बेन तेजाणी, अर्हम तेजाणी, हितेंद्र सुतारिया, देवेंद्र बंटी कोठारी, भावेश गांधी, इन सभी ने 9 दिन के लिए आयंबिल ओली तप किया है।

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