रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 10 मई शरीर के किसी भी अंग की दुर्बलता बुढ़ापे को दूभर बना देती है , श्रवण यन्त्र बाँटकर मिटा रहे तकलीफ श्रवण यन्त्र से 2 बच्चों व 17 बुजुर्गों की तकलीफ हुई दूर शरीर के किसी भी अंग की दुर्बलता बुढ़ापे को दूभर बना देती है , कानों से कम सुनाई देना भी बड़ी परेशानी है । जैन संवेदना ट्रस्ट इस परेशानी को श्रवण यन्त्र बाँटकर दूर करने का प्रयास कर रहा है । श्रवण यन्त्र से 17 लोगों के जीवन में खुशियां लौटी ।
जैन संवेदना ट्रस्ट ने आज से साधर्मिक भक्ति व अनुकम्पा सेवा सप्ताह का आरम्भ किया है । सेवा सप्ताह के आरम्भ में 17 दिव्यांगों को श्रवण यन्त्र वितरित किए गए । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने इस अवसर पर कहा कि मानवता की सेवा जीवन का सर्वोत्तम कार्य है ।

जीवन भर सुनने के बाद जब बुढ़ापे में कम सुनाई देने लगता है तो बड़ी समस्या पैदा हो जाती है । इस वक़्त श्रवण यन्त्र ही बड़ा सहारा होता है । जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा गूंगे बहरे लोगों का परीक्षण कर श्रवण यंत्र का वितरण किया जाता है ।
ट्रस्ट के वीरेन्द्र डागा ने बताया कि बच्चों में कु नियति को जन्म से सुनाई नही देता था , डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि श्रवण यन्त्र लगाकर नियति सुन सकती है । श्रवण यन्त्र लगाकर सभी बच्चे सुनने लगे हैं । सभी के माता पिता प्रफुल्लित होकर जैन समाज का आभार जताया है ।
जैन संवेदना ट्रस्ट ने वर्ष 2026 में 1000 लोगों की मदद का लक्ष्य रखा है । मई के आरम्भ में ही 2 बच्चों के अलावा 17 बुजुर्गों को भी श्रवण यन्त्र देकर सुनने की समस्या से निजात दिलाई ।

जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा मूक पशु पक्षियों की सेवा , मानव सेवा के अंतर्गत श्रवण यन्त्र , कृत्रिम हाथ , कैलिपर्स , वैशाखी , बी पी नापने की मशीन , शुगर टेस्टिंग मशीन का निःशुल्क वितरण तथा मानव कल्याण में साधर्मिक भाई बहनों के स्वावलंबी जीवन , व्यवसायिक उत्थान व विवाह योजना पर लगातार कार्य किये जाते हैं ।

