न्यू राजेंद्र नगर में निकला भव्य वरघोड़ा, मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हुए प्रभुनवकार नगर में जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ

न्यू राजेंद्र नगर में निकला भव्य वरघोड़ा, मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हुए प्रभुनवकार नगर में जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 11 मई । राजधानी रायपुर के लालपुर स्थित नवकार नगर रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया, जब भव्य जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ पूज्य गुरु भगवंतों के वरघोड़ा प्रवेश के साथ हुआ।

9 से 15 मई तक आयोजित इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया।महोत्सव के तहत निकाली गई भव्य शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

प्रभु का वरघोड़ा गाजे-बाजे, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और जयकारों के बीच निकाली गईं। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जबकि नवकार नगर क्षेत्र रंग-बिरंगी सजावट और रोशनी से जगमगा उठा।

यह भव्य आयोजन धर्मनिष्ठ स्वर्गीय वीरचंदजी डागा एवं श्रीमती सरोजदेवी डागा परिवार के सौजन्य से निर्मित श्वेत पाषाण के श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय एवं श्री मणिधारी जिनचंद्रसूरि दादावाड़ी की अंजनशलाका प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन स्थल पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।महोत्सव में देशभर से साधु-साध्वीवृंद, समाजजन और गणमान्य नागरिक शामिल हो रहे हैं।

आयोजन समिति के अनुसार आगामी दिनों में च्यवन कल्याणक, जन्म कल्याणक, दीक्षा कल्याणक और महामंगलकारी प्रतिष्ठा जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

13 मई को अंजनशलाका विधान और 14 मई को प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य आयोजन संपन्न होगा।आयोजन के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए राजगृही मंडप में मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार अनीश राठौर एवं उनकी टीम द्वारा पंचकल्याणक प्रसंगों की प्रस्तुति दी जाएगी।

वहीं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य मनोज बाबूलाल हरण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराएंगे।यह संपूर्ण आयोजन परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनपीयूषसागर सूरीश्वरजी म.सा. एवं परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री जयंतसेन सूरीश्वरजी म.सा. के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष विवेक डागा ने बताया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, परिवहन और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।जैन समाज के लिए यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और संस्कारों के उत्सव के रूप में देखा जा रहा है।

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