रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 13 मई । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रेमिका और उसकी मासूम बेटी की दोहरी हत्या मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आरोपी विक्की उर्फ सुखीराम यादव की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।
हाई कोर्ट ने कहा कि, आरोपी के खिलाफ पेश किए गए परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और मेडिकल साक्ष्य इतने मजबूत हैं कि, उसके अपराध पर किसी तरह का संदेह नहीं बचता। कोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
यह पूरा मामला जनवरी 2021 का है। जब आरोपी विक्की यादव पर पहले युवती ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। बाद में युवती आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी।
इसी विवाद के चलते आरोपी ने एक मैदान के पास युवती पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसकी मासूम बेटी को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया, जहां मालगाड़ी की चपेट में आने से बच्ची की मौत हो गई।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, आरोपी ने घटना के बाद गांव के पूर्व सरपंच के सामने जुर्म कबूल किया था। आरोपी की निशानदेही पर खून से सना चाकू और कपड़े भी बरामद किए गए थे।
एफएसएल रिपोर्ट में हथियार और कपड़ों पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई। वहीं डीएनए रिपोर्ट ने आरोपी और बच्ची के बीच जैविक संबंध साबित किए, जिससे अभियोजन की कहानी और मजबूत हुई।
कोर्ट ने कहा कि, यह मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन घटनाओं की पूरी कड़ी आरोपी की ओर ही इशारा करती है।
मेडिकल रिपोर्ट से भी साबित हुआ कि, युवती की मौत गले पर चाकू के वार से हुई, जबकि बच्ची की मौत ट्रेन से कटने के कारण हुई। कोर्ट ने आरोपी की ओर से उठाए गए अचानक उकसावे, मानसिक अस्थिरता और झूठे फंसाने जैसे सभी तर्कों को खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि, आरोपी ने बेहद क्रूर और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने आरोपी को जेल में ही सजा पूरी करने के निर्देश दिए है।

