साधना करने से महापुरुषों के गुणगान हो जाते है भीतर से नेगेटिव ऊर्जा बाहर होकर पोजेटिव ऊर्जा आ जाती है- श्री विनय मुनि

साधना करने से महापुरुषों के गुणगान हो जाते है भीतर से नेगेटिव ऊर्जा बाहर होकर पोजेटिव ऊर्जा आ जाती है- श्री विनय मुनि

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 17 मई।


शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म सा ने कहा हर अमावस पूनम को साधना करने से महापुरुषों के गुणगान हो जाते है व भीतर से नेगेटिव ऊर्जा बाहर निकल पोजेटिव ऊर्जा आ जाती है, जिससे कर्मो की निर्जरा हो जाती है।
साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष गोतम चंद चौधरी ने कहा आज अमावस पक्खी पर्व होने से समता भवन मे सांयकाल प्रतिक्रमण के पश्चात दो घंटे की साधना शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म सा के सानिध्य मे चली।भजनो से पुरा समता भवन धर्म मय हो गया।


महामंत्री धर्मीचंद ओस्तवाल ने बताया साधना की शुरुआत भक्तामर से हुई 27 लोग्गस का पाठ, आदिनाथ भगवान,ईक्षु रस से किया पारणा आखा तीज महान जय जय आदिनाथ भगवान,चिंतामणि पारसनाथ स्त्रोत उवसग्गर स्त्रोत,13 णम्मोत्थुणं, पैसठियां छंद,नेमीनाथ भगवान राजुल की कहानी भजनो से गायी गयी।
स्वाध्याय प्रेमी उतमचंद श्रीश्रीमाल ने बताया इस साधना मे सकल जैन संघ के करीब पचासो जने उपस्थित थे, स्वयं भी पधारै ओरो को भी लावें।
सहमंत्री नोरतमल बाबेल ने बताया अब अगली साधना पूनम की रहेगी शाम को रोज प्रतिक्तमण के पश्चात स्वाध्याय का लाभ जरुर जरुर लेवे व कर्मो की निर्जरा करावें.
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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