बरनाला (अमर छत्तीसगढ़) , 24 मई 2026।
एस.एस. जैन सभा के तत्वावधान में जैन स्थानक, बरनाला में श्रमण संघीय सलाहकार पूज्य दिनेश मुनि का 66वां जन्मदिवस रविवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं जैन समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित हुए। पूरा जैन स्थानक गुरु वंदना, नवकार मंत्र एवं धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा।
यह समारोह केवल जन्मोत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिक चिंतन, आत्ममंथन एवं सामाजिक जागरूकता का केंद्र भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पूज्य दिनेश मुनि के तप, त्याग, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन को प्रेरणास्रोत बताया।
अपने जन्मदिवस पर दिए विशेष प्रवचन में पूज्य दिनेश मुनि ने कहा कि आज मनुष्य सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए आत्मिक शांति से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भौतिक उपलब्धियां जीवन को आराम तो दे सकती हैं, लेकिन आत्मिक संतोष केवल धर्म, संयम और सदाचार से ही प्राप्त होता है।
उन्होंने विनम्र भाव से कहा, “मेरा अपना कुछ भी नहीं है। जो कुछ मिला है, वह गुरु पुष्कर देवेंद्र की कृपा और धर्म की शक्ति का परिणाम है। मुझे जैन धर्म में दीक्षित होकर संघ और समाज की सेवा करने का अवसर मिला, यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।”
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज अनेक प्रकार के नैतिक और मानसिक संकटों से गुजर रहा है। परिवारों में संवाद की कमी, युवाओं में बढ़ती तनावपूर्ण जीवनशैली और सामाजिक प्रतिस्पर्धा ने जीवन को अस्थिर बना दिया है। ऐसे दौर में संतों और धर्म की भूमिका केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि वह मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करती है। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिकता अपनाना गलत नहीं है, लेकिन अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से दूरी बनाना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति, अनुशासित जीवन और माता-पिता के सम्मान का संकल्प लेने का आह्वान किया।
समारोह में एस.एस. जैन सभा के पूर्व प्रधान प्रेमचंद जैन, प्रधान फूलचंद जैन, मंत्री भुवन जैन, कोषाध्यक्ष वेदप्रकाश जैन, अरिहंत जैन, जगजीवन जैन, ऋषभ जैन एवं विशाल जैन सहित अन्य सदस्यों ने पूज्य दिनेश मुनि को आदर स्वरूप चादर भेंट कर सम्मानित किया।
प्रवचन प्रभावक सुधीर मुनि ने गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि जीवन के अंधकार में मार्गदर्शक दीपक का कार्य करता है। जिस समाज में गुरु के प्रति श्रद्धा और संस्कार जीवित रहते हैं, वह समाज कभी पतन की ओर नहीं जाता।
महा साध्वी रत्न ज्योति ने अपने उद्बोधन में पूज्य दिनेश मुनि के प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सम्पूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, अनुशासन और मानव सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि दिनेश मुनि ने धर्म को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे समाज कल्याण और मानवीय मूल्यों से जोड़कर जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उप प्रवर्तक युग पुरुष सुभाष मुनि ने कहा कि दिनेश मुनि का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सौम्य और करुणामयी है, जिसके कारण समाज के हर वर्ग में उनके प्रति विशेष श्रद्धा और सम्मान का भाव है।

साध्वी डॉ. अर्चना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए दिनेश मुनि के सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान को भावपूर्ण शब्दों में स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दिनेश मुनि ने समाज में नैतिक मूल्यों, अहिंसा, सद्भावना और संस्कारों के प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया। उनके प्रवचनों और मार्गदर्शन से अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया।
उन्होंने कहा कि दिनेश मुनि केवल एक संत नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने शिक्षा, सेवा और अध्यात्म के माध्यम से लोगों को जोड़ने का कार्य किया तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना का संदेश फैलाया।

साध्वी विचक्षणश्री ने “गुरु का साया सदैव रहता है” तथा साध्वी माधवी ने “गुरु चरणों में चारों धाम मिलते हैं” भजन प्रस्तुत कर सभा को भावविभोर कर दिया।
समारोह में डॉ दीपेंद्र मुनि, डॉ पुष्पेंद्र मुनि, महा साध्वी प्रियदर्शना, साध्वी किरणप्रभा, साध्वी अर्पिता, साध्वी मोक्षदा साध्वी वंदिता सहित कुल चौदह साधु साध्वी की उपस्थिति रही।

वर्धमान जैन युवक मंडल (मालेरकोटला) से निखलेश जैन, भदौड़ संघ के प्रधान रघु जैन तथा मंगल प्रदेश के प्रधान सुभाष जैन “लिल्ली” ने कहा कि दिनेश मुनि का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि व्यक्ति यदि सच्चे मन से समाज और धर्म की सेवा करे, तो वह अपने कार्यों से अमिट पहचान बना सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी उनके आदर्शों को अपनाने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
एस.एस. जैन सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि पूज्य महाराज श्री के सान्निध्य में समय-समय पर धार्मिक प्रवचन, संस्कार शिविर, सेवा कार्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनका समाज पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

जैन सभा बरनाला के प्रधान फूलचंद जैन, मंत्री भुवन जैन एवं कोषाध्यक्ष वेदप्रकाश जैन ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में पंजाब राज्यपाल के प्रतिनिधि मुकेश जैन (चंडीगढ़)ने पंजाब राज्यपाल का संदेश सुनाया।
समारोह में लुधियाना, मालेरकोटला, भदौड़, अंबाला, नाभा, गिदड़बाहा, चंडीगढ़, रायकोट, अमरगढ़, रामामंडी, लालबाई एवं फतेहाबाद सहित भिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूज्य दिनेश मुनि जी महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कई वक्ताओं ने कहा कि महाराज श्री के प्रवचन समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।

समारोह को सफल बनाने में एस.एस. जैन सभा के पदाधिकारियों, गुरु पन्ना चंदन युवक मंडल, माता मोरादेवी महिला मंडल एवं स्वर्ण राज युवती मंडल की सदस्याओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह के अंत में सामूहिक मंगल पाठ, गुरु वंदना एवं आशीर्वचन हुए।

