गोबर खाद घोटाला मामले में एक्शन : तत्कालीन रेंजर को किया गया निलंबित, अन्य अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

गोबर खाद घोटाला मामले में एक्शन : तत्कालीन रेंजर को किया गया निलंबित, अन्य अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

पेण्ड्रा(अमर छत्तीसगढ़) 27 मई । छत्तीसगढ़ के गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के वनमंडल मरवाही में हुए बहुचर्चित गोबर खाद घोटाले और कैंपा कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अब बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सहायक ग्रेड-2 भूपेंद्र साहू के निलंबन के बाद अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक (छग) ने मरवाही के तत्कालीन रेंजर और वनक्षेत्रपाल रमेश कुमार खैरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

वर्ष 2022 में गोबर खाद खरीदी के नाम पर हुए फर्जी भुगतान, संदिग्ध दस्तावेजों और वित्तीय गड़बड़ियों की विभागीय जांच में रेंजर की गंभीर लापरवाही और संलिप्तता प्रथम दृष्टया सही पाई गई है। रमेश खैरवार 14 अगस्त 2023 से 28 दिसंबर 2025 तक मरवाही परिक्षेत्र में पदस्थ थे।

इस दौरान सरकारी राशि के दुरुपयोग की कई शिकायतें मिली थी। इससे पहले कैंपा शाखा प्रभारी भूपेंद्र साहू को ₹14.77 लाख के अवैध लेखा समायोजन और फर्जी एलओसी तैयार करने के आरोप में सस्पेंड किया जा चुका है।

विधानसभा में गूंज चुके इस हाई-प्रोफाइल मामले में लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के जरिए किए गए इस घोटाले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में विभाग के अन्य बड़े नाम भी इसकी जद में आ सकते हैं।

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