बड़ों की दुआएँ और पालना हम सभी के लिए वरदहस्त के समान है.. पुणे से आई ब्रह्माकुमारी दीदियों ने कहा — छत्तीसगढ़ सबसे बढ़िया..

बड़ों की दुआएँ और पालना हम सभी के लिए वरदहस्त के समान है.. पुणे से आई ब्रह्माकुमारी दीदियों ने कहा — छत्तीसगढ़ सबसे बढ़िया..

भिलाई(अमर छत्तीसगढ़) , 28 मई 2026।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेक्टर-7 स्थित  पीस ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुँची पुणे शहर की ब्रह्माकुमारी दीदियों ने प्रातःकालीन राजयोग सत्र के पश्चात अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। 

पुणे से पधारी ब्रह्माकुमारी गीतिका दीदी ने कहा कि मन की स्वच्छता द्वारा परमात्मा के समीप आकर दिव्य शक्तियों को धारण किया जा सकता है। 
आपने “बुरा न सोचें, न देखें, न बोलें और न सुनें।” साथ ही श्रेष्ठ कर्म करते हुए मन से निरंतर परमात्मा को याद रखने तथा सभी के प्रति शुभ भावना रख, जीवन में अंतिम समय तक सीखने की भावना बनाए रखनी चाहिए। आपने “हंस समान गुण ग्रहण करने” तथा अवगुणों का त्याग कर गुणों को अपनाने की प्रेरणा दी।


छत्तीसगढ़ के सभी सेवाकेंद्र अत्यंत विशाल,भव्य एवं आध्यात्मिक सकारात्मक ऊर्जा और शांति से सम्पन्न हैं।

ब्रह्माकुमारी दीपिका दीदी,स्मिता दीदी, रूपा दीदी,मनीषा दीदी,सुनीता दीदी, उर्मिला दीदी, गौरी दीदी,सरिता दीदी ने भी अपने आध्यात्मिक अनुभव व्यक्त किए।

ब्रह्माकुमारी दीदियों का तिलक, पुष्पगुच्छ एवं सम्मान पट्टिका पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

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