रायगढ़(अमर छत्तीसगढ़) 7 जुन । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पारिवारिक विवाद के बाद आरोपी ने अपने ही साले की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। अब अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि दाताराम सारथी निवासी मुनुंद का विवाह उर्मिला सारथी के साथ हुआ था। पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छे नहीं होने के कारण उर्मिला अक्सर अपने मायके पत्थलगांव खुर्द में रहती थी। घटना से पहले जब वह मायके आई थी, तब वह गर्भवती थी। पुत्र को जन्म देने के बाद भी वह मायके में ही रह रही थी।
एक मई 2022 की शाम करीब चार बजे आरोपी दाताराम सारथी अपने ससुराल पहुंचा और अपने एक वर्ष के दूधमुंहे बच्चे को पत्नी उर्मिला सारथी से छीनकर ले जाने लगा। इस दौरान उर्मिला, उसकी भाभी और भतीजी ने आरोपी को बच्चे को ले जाने से रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद आरोपी बच्चे को लेकर मुख्य सड़क तक पहुंच गया। तभी आरोपी के साले महेश सारथी ने उसे बच्चे को ले जाने से मना किया।
इस पर आरोपी गुस्से में आ गया और महेश सारथी के पेट, पीठ और गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण महेश सारथी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी कुसुम सारथी की रिपोर्ट पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी ने दाताराम सारथी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी दाताराम सारथी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है।

