ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 19 जुन ।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य शासन दीपक श्री रोहित मुनि जी म सा ने समता मे प्रवचन पर कहा आज हम मशीनो पर निर्भर होते जा रहे जितना सुख के लिए मशीनो का उपयोग करते जा रहे वह सुख सुविधा से बाहर होते जा रहे है, इन्द्रियों के सुखो का भोग हमे तृप्ती नही देता चक्रवती राजा भोगो से दूर होकर सयंम ले लेते थे वह जानते है सयंम बिना मोक्ष नही होगा नही तो वापस नारकिय जीवन जीना पडेगा।भजन से कहा संसार यह दुख मे उलझ रहा वेरागी बनू वैरागी बनू।
म सा ने कहा व्रत के बिना शरीर रोगो का घर होता जा रहा और बिमारिया गेरती जा रही है किसी भी खाने पीने की चीजो पर हमारी आसक्ति नही होनी चाहिए,आज व्यक्ति स्थानक मे नही आने पर हजार बहाना बना लेता, घुमने जाने पर तैयार हो जाते है, व्यक्ति हर दम सुविधा चाहता जो शरीर को खराब करता जा रहा इस संसार के काम को विराम देना होगा, खाली समय पाप कर्म कर देते है।
हम जिस फैसेलिटी मे सुख मान रहे वही हमे अंधकार मे ले जा रही है।सम्मान के पीछे लोगो मे कपट भरा पडा है। आज के जमाने मे बिना स्वार्थ व्यक्ति काम नही करता।
इससे पहले श्री यत्नैश मुनि जी म सा ने कहा हमे जिनवाणी सुनकर आत्मा का विकास कर सकते है जिनवाणी पर आचरण करके आत्मा का उद्धार हो सकता है, जो साधक जीनवाणी के अनुसार जीवन जीता भगवान की नजरो मे श्रेष्ठ बन जाते है।
लाखो को पार लगाया है भगवान तुम्हारी वाणी ने, म सा ने कहा व्यक्ति बिना इच्छा के त्याग करता है वह व्यक्ति त्यागी नही होता,हम ऐसा कार्य करे कि देवलोक मे जगह मिल जाए।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

