राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 20 जुन । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन , माउंट आबू के सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा देशभर के सुरक्षा सेवा बलों के लिए “स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण” नामक विशेष जागरूकता एवं प्रेरणादायक अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी अभियान के अंतर्गत 19जून शुक्रवार को राजनांदगांव जिले के विभिन्न सुरक्षा संस्थानों में पहुंच कर सुरक्षा बलों के जवानों को आत्म-सशक्तिकरण के महत्व से अवगत कराया ।
अभियान के दौरान पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), 8वीं बटालियन तथा आईटीबीपी डोंगरगढ़ पहुंचकर सुरक्षा बल के एक हजार (1000)से अधिक जवान भाइयों एवं बहनों को संबोधित किया । वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति का आधार सशक्त एवं जागरूक नागरिक होते हैं।
जब सुरक्षा बलों के जवान मानसिक, आध्यात्मिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त होंगे, तभी वे अधिक प्रभावी ढंग से राष्ट्र सेवा का दायित्व निभा सकेंगे।

ब्रह्माकुमारीज के माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार शैलेन्द्र भाई ने विशेष कार्यक्रम में जवान भाइयों एवं बहनों को संबोधित करते हुए संस्था का परिचय दिया तथा तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते कार्यभार, प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव के कारण तनाव एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में आध्यात्मिकता, सकारात्मक चिंतन और राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को शांत एवं शक्तिशाली बनाया जा सकता है।
ब्रह्माकुमार डॉ पुरुषोत्तम भाई ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में उपस्थित सभी भाई-बहनों का उमंग और उत्साह बढ़ाते हुए जीवन में सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जैसा अपने बारे में सोचता है, वैसा ही उसका व्यक्तित्व और जीवन निर्माण होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सदा अपने लिए शुभ, श्रेष्ठ और कल्याणकारी संकल्प करने चाहिए।
नकारात्मक विचार मन की शक्ति को कमजोर करते हैं, जबकि सकारात्मक एवं शुभ चिंतन आत्मविश्वास, प्रसन्नता और सफलता को बढ़ाता है।
ब्रह्माकुमारी डॉ प्रिया दीदी ने अपने मधुर एवं प्रेरणादायी उदबोधन के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों को जीवन में मेडिटेशन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में मेडिटेशन मन को शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
उनके भावपूर्ण उदबोधन ने जवानों के मन को गहराई से स्पर्श किया तथा आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात उन्होंने सभी को मेडिटेशन का अभ्यास कराया, जिससे उपस्थित जनों ने आंतरिक शांति, सुकून और आत्मिक आनंद की अनुभूति की। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
ब्रह्माकुमार हितेश भाई ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मन में आने वाले विचारों को नियंत्रित करने की कला पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन की गुणवत्ता उसके विचारों पर निर्भर करती है। यदि विचार सकारात्मक, शांत और श्रेष्ठ हों तो जीवन सुखद एवं सफल बनता है।
उन्होंने समझाया कि अनावश्यक और नकारात्मक विचार मानसिक तनाव तथा अशांति का कारण बनते हैं। राजयोग मेडिटेशन, आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्पों के माध्यम से विचारों को सही दिशा दी जा सकती है।
उनके मार्गदर्शन से उपस्थित लोगों ने मन को एकाग्र, शांत और शक्तिशाली बनाने के व्यावहारिक सूत्र सीखे तथा उन्हें जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
ब्रह्माकुमार दीपक भाई ने बताया कि आत्म-सशक्तिकरण का प्रथम चरण अपने विचारों को सकारात्मक बनाना है। सकारात्मक सोच व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाती है तथा कठिन परिस्थितियों में भी उसे संतुलित और दृढ़ बनाए रखती है। साथ ही जवानों को अपनी आंतरिक शक्तियों, विशेषताओं और क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया गया।
यह भी समझाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अनेक दिव्य गुण और शक्तियां विद्यमान हैं, जिन्हें जागृत कर जीवन को अधिक सफल एवं सार्थक बनाया जा सकता है।

वक्ताओं ने स्वयं के प्रति सम्मानजनक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि जब व्यक्ति अपने बारे में अच्छा सोचता है और अपनी शक्तियों पर विश्वास करता है, तब वह समाज और राष्ट्र के लिए अधिक प्रभावी योगदान देने में सक्षम बनता है।
स्थानीय सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहनजी ने सभी का स्वागत किया इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी प्रभा बहनजी,ब्रह्माकुमारी सरिता बहनजी ब्रह्माकुमारी पूजा बहन जी, ब्रह्माकुमार मुरलीधर सोमानीभाई , झालम भाई,मोरध्वज भाई, द्वारिका भाई, कमलेश भाई, रुपेश्वर भाई, लक्ष्मीकांत भाई सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों पी टी एस के बृजेश भदौरिया,8वीं बटालियन की सारिका वैद्य एवं आई टी बी पी के विजयकुमार ने अभियान की सराहना करते हुए इसे तनावमुक्त, संतुलित एवं मूल्यनिष्ठ जीवन के लिए उपयोगी बताया.सभी जवानों को ईश्वरीय प्रसाद देकर सम्मानित किया गया.

