नारायणपुर(अमर छत्तीसगढ़) 20 जुन । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के ग्राम भरंडा में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर विवाद अब सड़कों पर पहुंच गया है। जनजातीय समाज, ग्राम सभा प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिकायत के कई दिन बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 9 जून को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें कुछ लोगों पर जनजातीय समाज की आस्था, देवी-देवताओं और पारंपरिक मान्यताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप लगाए गए थे। लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए।
ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, आरोप सत्य पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और जिले में संचालित ऐसी अन्य गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही अब तक हुई जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई है।
जनजातीय समाज का कहना है कि यह मामला उनकी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रशासन को गंभीरता से हस्तक्षेप कर जल्द उचित कदम उठाने चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

