रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 2 जुलाई छत्तीसगढ़ के नकटी गांव को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया है। उन्होंने कहा कि नकटी गांव के लोगों का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और वह पहले भी सरकार को इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं। अग्रवाल ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर ग्रामीणों को नहीं हटाने की मांग की थी और आज भी वह उसी स्टैंड पर कायम हैं।
सांसद ने कहा कि उनसे बातचीत के बाद जिन लोगों ने गांव में जाकर तोड़फोड़ की, उनका कृत्य किसी भी हालत में माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में गांव पहुंचकर की गई तोड़फोड़ पूरी तरह गलत है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने यह दुस्साहस किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वह जिस विषय को जहां उठाने की आवश्यकता होती है, वहां मजबूती से अपनी बात रखते हैं। नकटी गांव के निवासियों को हटाने के मुद्दे पर उनका रुख पहले जैसा ही है और ग्रामीणों के हितों की रक्षा होनी चाहिए।
वहीं, स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर छत्तीसगढ़ में शुरू हुई सियासत पर भी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस द्वारा मंत्रोच्चार पर सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता ही विरोध करने की है, इसलिए वह हर बात का विरोध करता है। अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों में मंत्रोच्चार कराने में आखिर गलत क्या है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जुड़े ऐसे विषयों का राजनीतिक विरोध करना उचित नहीं है।

