ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 6 जुलाई।
आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की विशेष कृपा से समता भवन मे लगातार नैतिकता पर प्रवचन चल रहा है शासन दीपिका श्री पराग श्री जी म सा ने भजन से कहा जन्म जन्म तक साथ देगा धर्म हमारा.. धर्म और धन दोनो का अपनी जगह महत्व है और बताया धन के पीछे पारिवारिक संबध खत्म कर देता है मां बाप बेटा पत्नी रिश्तेदार यह सभी धन के पीछे आज संबध खत्म करने मे लगे हैं।
म सा ने कहा धन के लिए पाप करना पडता है धर्म के लिए पाप छोडना पडता है। श्रावक का नियम न्याय निति पूर्वक धन कमाना होता है ओर धर्म के लिए 18 पापो का त्याग करना पडता है, आज व्यक्ति धन के पीछै 18 पापो का सेवन कर लेता है,धन के लिए पिता को जहर देना, धन जोरू और जमीन के लिए राजा महाराजा युद्ध कर लेते थे आज हम भी यही कर रहे हैं।आज इच्छाओ का त्याग पती पत्नी की तरह हो रहा जब चाहे उसे तोड देते है।
म सा ने कहा धन इच्छाओ को बढाता और धर्म ईच्छाओ को घटाता है धर्म का प्रत्याखान इच्छा को खत्म कर देती है धन का राग दुर्गति कराता है धन इक्क्ठा करने पर वह उसकी रक्षा के लिए तिरयंच मे भी जन्म लेकर वाचमैन बन कर बैठ जाता हैं।धर्म का अनुराग करने पर अर्जुन माली ने भगवान महावीर की शरण लेते उनकी आत्मा कहा से कहा पंहुच गयी।
म सा ने कहा सयंम पालने वाले के दोनो हाथो मे लड्डू होता है जैसे ब्यावर मे विराजित शासन दीपिका रोशन कंवर जी म सा ने बोरीबली मुम्बई चातुर्मास मे तबयत खराब होने पर आचार्य नानेश ने पूछा क्या करना चाहिए तब कहा मेरे दोनो हाथो मे लड्डू हे मर गयी तो मोक्ष बच गयी तो आप की सेवा।
यह होता है सयंम पर चलना, हमे अपनी पांचो इन्द्रियों की शक्ति पता होनी चाहिए तभी हमारी इच्छा पूरी होगी। आज श्रावक शास्त्रो के जानकार नही होने से कच्चे होते जा रहे हैं।
इससे पहले साध्वी प्रखर श्रीजी म सा ने कहा पुदगल है क्या? पुदगल एक माया है जहर है बारुद है इतनी शक्ति है आत्मा की चेतन की शक्ति भी कमजोर पर जाती है वह हमारे शरीर को मार देती है, पुदगल एक निमित भी है जिससे केवल ज्ञान भी हो सकता जैसे आहार लेकर केवल ज्ञान हो जाता है और लड्डू को चुरते चुरते कर्मो का चूरमा कर देता है।
म सा ने अहा जैसा आहार आया वैसा खाना होगा तभी कर्मो की निर्जरा होगी, गहने पुदगल है इसके पहनने पर अहंकार नही करे नही तो कर्मबंध करवा देगा, स्वाध्याय के शब्द रुपी पुदगल कानो मे पडते ही वैराग आ जाता है पुदगलो के निमित कर्मो की निर्जरा करने के लिए आत्मा मे बहुत अवसर आया करता है।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

