सजा का ऐलान : 576 नशीली कैप्सूल बेचने वाले तस्कर को कोर्ट ने सुनाई 8 साल की सजा

सजा का ऐलान : 576 नशीली कैप्सूल बेचने वाले तस्कर को कोर्ट ने सुनाई 8 साल की सजा

धमतरी(अमर छत्तीसगढ़) 9 जुलाई । नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। करीब तीन साल पुराने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में की गई प्रभावी मॉनिटरिंग, वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला आया है।

मामला 17 जून 2023 का है, जब थाना कुरूद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चरमुड़िया पुल स्थित संगवारी ढाबा के पास एक व्यक्ति नशीली कैप्सूल बेच रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शेख फिरोज उर्फ फिज्जू (42 वर्ष), निवासी रिसाईपारा, धमतरी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 72 पत्तों में कुल 576 नशीली कैप्सूल, बिक्री की 210 रुपये नकद राशि सहित कुल 4,332 रुपये का मशरूका जब्त किया गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 413/2023 के तहत धारा 21(बी), एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान धमतरी पुलिस द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्यों को न्यायालय ने स्वीकार किया और आरोपी को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

इस मामले की विवेचना तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक (सउनि.) संतोषी नेताम ने की थी। उनकी सूक्ष्म, पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण विवेचना की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उन्हें 500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

एसपी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक अनुसंधान ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमतरी पुलिस भविष्य में भी अवैध मादक पदार्थों, शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध इसी दृढ़ता से अभियान चलाती रहेगी।

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