मनुष्य गति मे ही सबसे ज्यादा अंहकार होता है- श्री विनय मुनि जी

मनुष्य गति मे ही सबसे ज्यादा अंहकार होता है- श्री विनय मुनि जी

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 3 अगस्त।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य ब्यावर रत्न शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा. ने आज सुबह खचाखच भरे समता भवन के प्रवचन हाल मे अपनी अमृत देशना शुरु करते हुए कहा हुक्मसंघ के उदयवान नक्षत्र आचार्य भगवन और बहुश्रुत वाचनाचार्य को वंदन नमन करते हुए आज का विषय संस्कार क्या है? संस्कार का मतलब बताते हुए कहा बुराइयों का बहिष्कार करना,गलत आदतो को छोडना,निंदनीय कार्य का बहिष्कार करते रहना इनको छोडने पर हमारे अंदर संस्कार की भावना जाग्रत हो सकेगी तभी हम संस्कारी बन पायेंगे।


म सा ने भजन से कहा मानव भव को सुंदर अवसर बार बार नही आयेगा, गुरुदेव की आज्ञा मान ले भाग्य थारा खुल जायेगा, अनाडी क्षेत्र मे जन्म लेने वाला अनाडी कार्य करेगा आर्य क्षेत्र मे जन्म लेने वाला आर्य का कार्य करेगा हमको जन्म से भी कर्म से भी आर्य बनना है भगवान महावीर की अंतिम देशना हमारे जीवन को संस्कारी बनाती है, हमारे भीतर संस्कारो की स्मृधि आये और हमारे अंदर ललक होनी चाहिए बेटे को धर्म का मालिक बनाना न कि धनवान।


म सा ने भजन के मार्फत समझाया यह मधुर जिनवाणी कोई सुनेगा उतम प्राणी, राजमती सीता चंदनवाला सबके घर मे किरा उजाला, तिर गयी त्रिशला रानी कोई पायेगा उतम प्राणी, अनाडी कुल मे जन्म लेना वाला आर्य कर्म कर सकता, साधु संतो की संगत हमे धर्मानुरागी बना देता है,हम कैसे जीवन जी रहे सोच कर अपनी आत्मा को संस्कारी बनाने का प्रयास करते रहे।


इससे पहले श्री दिव्यदर्शन जी म सा ने कहा आज व्यक्ति मे किस चीज की कमी है फिर भी अज्ञानी बनकर जी रहा है सुख के पीछे भागता रहता है क्योंकि वह ज्ञान पाना ही नही चाहता सिर्फ धनवान बनने की होड मे रहता है,एक ना एक दिन धर्म से जुडने की तैयारी करनी पडेगी।

असली सुख ज्ञानी का जीवन होता है वह ही जीवन को सार्थक बनाता है। भगवान कहते जैसा कर्म करोगे वैसा बंध होगा।


म सा ने कहा कलयुग खराब नही है हम उसे खराब समझ रहे है,मनुष्य गति मे सबसे ज्यादा अंहकार पाया जाता है,अज्ञानी व्यक्ति दुसरो को देखकर अशुभ भावना पैदा करता है। हम हमारा कल्याण चाहते है जो आत्म समाधि से ही मिलेगा होगा, सयंम जीवन को कोई मार नही सकता, धर्म साधना का अच्छा कार्य मोह को कम करना, अपनी सोच को सही बनावे,प्रवचन को ओपचारिता नही बनाकर मन मे उतारना है।


सचांलन युवा संघ के अध्यक्ष अंकुश बोहरा ने किया आज तेरह,अठाई, उपवास आदि के प्रत्याखान कराये व कई गुप्त तपस्या भी चल रही आज की धर्म सभा मे राजनांदगाव दुर्ग छत्तीसगढ़ से युवा संघ मोजूद रहा ओर मधुर भजनो की प्रस्तुति दी।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

Chhattisgarh