रावतपुरा सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत : CBI की फोन टैपिंग गैरकानूनी, जज ने रिकॉर्डिंग नष्ट करने के दिए आदेश

रावतपुरा सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत : CBI की फोन टैपिंग गैरकानूनी, जज ने रिकॉर्डिंग नष्ट करने के दिए आदेश

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 6 अगस्त । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चर्चित फोन टैपिंग मामले में श्री रावतपुरा संस्थान के चेयरमैन एवं कथावाचक श्री रावतपुरा सरकार (रवि शंकर जी महाराज) को बड़ी राहत दी है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सीबीआई द्वारा की गई फोन टैपिंग को पूरी तरह गैरकानूनी घोषित करते हुए उसे रद्द कर दिया। अदालत ने टैपिंग के जरिए प्राप्त सभी ऑडियो रिकॉर्डिंग्स को नष्ट करने के भी निर्देश दिए हैं।

हालांकि हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब सीबीआई को फोन टैपिंग से मिले साक्ष्यों का उपयोग किए बिना अन्य वैध दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर मुकदमा साबित करना होगा।

दरअसल, 30 जून 2025 को सीबीआई ने देशभर के 35 मेडिकल संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के कुछ अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर रिश्वत, फर्जी मरीजों और घोस्ट फैकल्टी के जरिए मेडिकल कॉलेजों के पक्ष में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कराई जाती थी। इसी मामले में रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चेयरमैन होने के कारण रावतपुरा सरकार को भी आरोपी बनाया गया था।

सीबीआई ने 28 जून 2025 को फोन टैपिंग का आदेश जारी किया था। जबकि गृह मंत्रालय और दूरसंचार विभाग ने अपने हलफनामे में इसे 1 जून 2025 से 31 जुलाई 2025 तक वैध बताया था। रावतपुरा सरकार ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीबीआई और गृह मंत्रालय के दस्तावेजों पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि जब मूल आदेश 28 जून को जारी हुआ, तो उसे 1 जून से प्रभावी कैसे माना जा सकता है। अदालत ने इसे कानूनी प्रक्रिया के विपरीत माना।

हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि फोन टैपिंग की अनुमति देते समय न तो किसी सार्वजनिक आपातस्थिति और न ही जनसुरक्षा से जुड़े कारणों का उल्लेख किया गया था। अदालत ने कहा कि फोन टैपिंग किसी व्यक्ति की निजता के अधिकार पर सीधा हस्तक्षेप है और इसके लिए कानून में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।

डिवीजन बेंच ने 28 जून 2025 के सीबीआई के फोन टैपिंग आदेश, 4 जुलाई 2025 को गृह मंत्रालय द्वारा जारी पुष्टि आदेश तथा 15 सितंबर 2025 की रिव्यू कमेटी की कार्यवाही को भी निरस्त कर दिया।

साथ ही, हाईकोर्ट ने रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की सुनवाई फोन टैपिंग से प्राप्त किसी भी साक्ष्य पर विचार किए बिना केवल अन्य वैध दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आगे बढ़ाए।

Chhattisgarh