बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 9 अगस्त । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े एक मामले में राज्य शासन के आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामला वरिष्ठ अधिकारी की अनदेखी कर जूनियर अधिकारी को एसपी और कमांडेंट का प्रभार दिए जाने के आरोप से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य शासन समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को होगी।
दरअसल, राज्य शासन ने 20 जुलाई 2026 को पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित आदेश जारी किया था। इसमें कुछ अधिकारियों को एसपी और कमांडेंट का प्रभार सौंपा गया है। इस आदेश के खिलाफ एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने दावा किया है कि एडिशनल एसपी की ग्रेडेशन लिस्ट में उनका नाम 35वें क्रम पर है। इसके बावजूद उनसे जूनियर अधिकारियों को एसपी और कमांडेंट जैसे उच्च पदों का प्रभार सौंप दिया गया।
याचिका के अनुसार, ऋचा मिश्रा को वरिष्ठ होने के बावजूद डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदस्थ किया गया है, जबकि उनसे जूनियर अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में राज्य सरकार के 14 जुलाई 2014 के सर्कुलर का हवाला दिया गया। इसमें कथित तौर पर यह निर्देश है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को सुपरसीड कर जूनियर अधिकारी को उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जाना चाहिए। याचिका में इसी आधार पर ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश को चुनौती दी गई है और वरिष्ठता के आधार पर पदस्थापना किए जाने की मांग की गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए 20 जुलाई 2026 को जारी ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य शासन समेत अन्य संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को होगी। उस दौरान राज्य शासन की ओर से पेश किए जाने वाले जवाब के बाद वरिष्ठता और पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना से जुड़े इस विवाद पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

