रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 20 अगस्त ।श्री दिगम्बर जैन आदीश्वरधाम नवोदय तीर्थ, रायपुर में आयोजित समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अंतर्गत त्रिदिवसीय भगवान पार्श्वनाथ स्वामी मोक्ष कल्याणक, मुकुट सप्तमी महामहोत्सव और पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पुनीत सागर जी महाराज के 23वें दीक्षा दिवस का पावन महामहोत्सव आज अपार जनसैलाब और अलौकिक धर्म-प्रभावना के साथ संपन्न हुआ। उत्सव के अंतिम दिन संपूर्ण रायपुर दिगंबर जैन समाज भक्ति के रंग में रंगा नजर आया और पूरा वातावरण भगवान पार्श्वनाथ तथा मुनि ससंघ के जयकारों से गूंज उठा।
समयोपदेश वर्षायोग 2026 के कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय जैन नायक, उपाध्यक्ष श्री श्रद्धेय जैन विक्की एवं मीडिया प्रभारी श्री प्रणीत जैन ने संयुक्त रूप से बताया कि अंतिम दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे एक अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा में सकल दिगंबर जैन समाज के प्रमुख पात्र, इंद्र-इंद्राणियाँ तथा हजारों धर्मप्रेमी बंधु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।

पुरुष वर्ग धोती-दुपट्टा तथा महिलाएँ केसरिया एवं मांगलिक साड़ियों में सुसज्जित होकर, बैंड-बाजे और धार्मिक धुनों पर नाचते-गाते हुए भगवान पार्श्वनाथ जी के जयकारे लगा रहे थे। पूज्य मुनि श्री के ससंघ सानिध्य में निकली इस शोभायात्रा ने भगवान पार्श्वनाथ जी के साथ नगर भ्रमण किया, जहाँ जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जी और संत शिरोमणियों की अगवानी की।
शोभायात्रा लालगंगा पटवा भवन पहुँचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुई। तत्पश्चात भगवान श्री जी का प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा का पुनीत अनुष्ठान संपन्न हुआ। आज की पावन शांतिधारा करने का प्रथम सौभाग्य श्री सौरभ जी जैन वालफोर्ट परिवार एवं श्री शशिश मोदी परिवार को प्राप्त हुआ।

पूज्य मुनि श्री का पाद प्रक्षालन करने का परम पुण्य श्री दिनेश-देशना जैन (मोवा परिवार) ने प्राप्त किया। शास्त्र भेंट का सौभाग्य बड़ा मंदिर समिति को तथा नवोदय तीर्थ में निर्मित हो रहे मंदिर जी की त्रिकाल चौबीसी में भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य श्री जीवनलाल जी एवं पुष्पेंद्र जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
आयोजन के मुख्य चरण में श्री कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान का संगीतमय आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित सभी इंद्र-इंद्राणियों एवं प्रमुख पात्रों ने अत्यंत भक्तिभाव के साथ अष्ट द्रव्य से निर्मित विशेष अर्घ्य प्रभु चरणों में समर्पित किए।

महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भगवान पार्श्वनाथ जी के त्याग, तपस्या और उपसर्ग विजेता जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने भावविभोर होकर देखा। प्रसिद्ध भजन गायक जैमिनि के मधुर भक्ति संगीत और शाम को आयोजित महाआरती में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों दीपकों की लौ और भजनों की तान से संपूर्ण परिसर जगमगा उठा।
समयोपदेश वर्षायोग 2026 समिति ने त्रिदिवसीय भव्य आयोजन में त्रिकाल चौबीसी में भगवान विराजमान करने वाले, कलश स्थापना करने वाले, समस्त दानदाताओं तथा शांतिधारा, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट, दीप प्रज्वलन, भोजन व्यवस्था एवं शेड निर्माण कर्ता, पंडाल पुण्यार्जक परिवारों का विशेष आभार प्रकट किया।

इसके साथ ही, चतुर्मास के सभी कार्यक्रम में शामिल होकर दान देने वाले, सामाजिक सहयोग प्रदान करने वाले समस्त दिगंबर जैन मंदिरों के समाजजनों, समितियों, महिला मंडलों, बालिका मंडलों एवं युवा मंडलों का भी आभार प्रकट कर धन्यवाद दिया गया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सकुशल संपन्न हो सका है।

