मोह का चश्मा खतरनाक तृष्णा कभी पूरी नहीं होती- शासन दीपक श्री विनय मुनि

मोह का चश्मा खतरनाक तृष्णा कभी पूरी नहीं होती- शासन दीपक श्री विनय मुनि

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 20 अगस्त ।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य ब्यावर रत्न शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा.ने आज सुबह खचाखच भरे समता भवन के प्रवचन हाल मे अपनी अमृत देशना शुरु करते हुए कहा हुक्मसंघ के उदयवान नक्षत्र आचार्य भगवन और बहुश्रुत वाचनाचार्य को वंदन नमन करते हुए भजन से बताया जय जय बोलो अनाथी मुनि राज की,बौधी जगाई मगध महाराज की इसका सार बताते हुए कहा तृष्णा पर चर्चा चल रही थी जो पूरी नहीं हो पाती।
(तृष्णा का खड्डा कभी नहीं भरता)
म सा ने तृष्णा के तीन खड्डे पेट का संस्कार का व समुद्र का खड्डा जो भर नहीं पाता आज पर बताया जा रहा था आज राजा का खजाना पर कहा यह खजाना हमेशा खाली ही रहता है और राज नेता को देखो इनका खड्डा भरता जा रहा है व,जनता का शोसन करते खजाना भरते जा रहे हैं।

आज व्यक्ति मै नैतिकता ईमानदारी छूमंतर हो रही है इसलिए इनका खड्डा भर नहीं पा रहा।मन शांति सौम्यता प्राप्त करनी है तो ढंग से जीना पड़ेगा।
म सा ने यह चार तीर्थ पर बताया श्रावक श्राविका साधु साध्वियां यह हमारे चार तीर्थ से इनकी वजह से यह शासन चल रहा है,कथनी करनी एक समान होती है, हम चीज की मर्यादा करते हैं।जब आत्मा सम्पूर्ण कर्मों का क्षय करके मोक्ष के संग अनन्त आत्मा जाने को तैयार हो जाती ज्यो ज्यो मोक्ष में विराजमान हो जातीस सिद्ध अरिहंत बन जाते हे भजन से बताया
मैं हूं उप नगरी का राजा जहां नहीं होती छाया ना धूप, मोह का चश्मा खतरनाक होता है इसको पछाड़ना बड़ा मुश्किल होता है।
(उदय वीर कथा..)
उदयवीर की कथा सुनो नर नारी, पद्मावती के पुत्र बड़े श्रेयकारी, महाराजा ध्वल की दुसरी पत्नी श्रीमहारानी ने उदयवीर वीर वान पुत्र अपने आप को चरित्र निष्ठ होने के कारण अपनी कूलता माता की बात को ठुकरा दिया उसने अपने आप को राजा के सामने शीलव्रत सिद्ध करने पर तुली थी अपना प्रभाव जमाने में लग गयी उनका वध करवाने पर अड गयी।


इससे पहले श्री दिव्यदर्शन जी म सा ने कहा अपनी आत्मा में रमण करने वाला सुखी होता है,ज्ञानी सुख का दर्शन है अज्ञानी दुख का दर्शन कराता है,माता की चाहत बेटा महात्मा बने, मिथ्या दृष्टि वाला आगम में से गलत चीज निकालता है वहीं सम्यक दृष्टि सही चीज निकालता है।सुबह उठते ही सामायिक साधना करनी चाहिए। सुपात्र दाने पर एक ग्राहक छूट जाए तो फर्क नहीं पड़ता बल्कि जीवन सुधर जाता हैं।


म सा ने कहा त्याग प्रत्याखान का रिजल्ट अच्छा बनता है पर धैर्य रखना जरूरी है, धर्म में कोई कमी नहीं होती वो हमारी सोच में कभी होती है।आज हम पुण्य वाणी को छोड़ कर पाप को जोड़ने में लगे हैं।आज बच्चे दीशाहीन की शिक्षा मिलती जा रही इसलिए संस्कारी नहीं बन पा रहे हैं।


(इनके हुए तपस्या के प्रत्याखान)
आज धर्मसभा में देशनोक निवासी श्री विजयराज जी सांड सुपुत्र स्व श्री सांड के आज तीस की तपस्या के प्रत्याखान लिया उसी के साथ आज इनका 41 वां मासक्षमण पूर्ण हुआ।आज मोनिका ओस्तवाल ने 9 व सीमा हींगड ने 3 के प्रत्याखान हुए।


(तपस्या की करी अनुमोदना व गुणगान)
श्री रामविज्ञ जी म सा ने तपस्या के उपलक्ष में ऐकासन पंचरगी का प्रोग्राम किया गया था वहीं आज शाम को दोनों जगह 51-51 प्रतिक्रमण करने का लक्ष्य रखा गया।
संचालन महामंत्री धर्मीचंद ओस्तवाल ने संचालन करते हुए कहा साधुमार्गी जैन संघ का बड़ा सौभाग्य है आज तीस के प्रत्याखान हुए और भी गुप्त तपस्या चल रही है।


समता युवा संघ के अध्यक्ष श्री अंकुश बोहरा ने कहा बड़ा सौभाग्य है देशनोक से पधारे सांड साहब ने आज मासक्षमण पूरा करा।
श्रीमती प्रकाश कंवर कोठारी ने कहा राम गुरु ने किया म्हारा हृदय में …
साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष गोतम चंद चौधरी ने कहा इनके मासक्षमण के उपलक्ष में कल आंनद भवन में तीनों इकाईयों की तरफ से बहुमान प्रवचन के बाद रखा गया आप सब सादर आमंत्रित हैं।
इस दौरान पूरा समता भवन हर्ष हर्ष हो गया।
संघ प्रवक्ता
नोरत मल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर

Chhattisgarh