राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 21 अगस्त 2026 – विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देष्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी (e-KYC) कराया जाएगा। यह प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिलों में कुल लगभग 6.83 लाख बिजली कनेक्शन हैं।
इनमें राजनांदगांव जिले के 2,94,638, मोहला-मानपुर-चौकी के 76,037 ,खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के 108733 तथा कबीरधाम जिले के 2,03,931 बिजली कनेक्शन शामिल हैं। इतने बड़े उपभोक्ता आधार के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया उपभोक्ता डेटा को प्रमाणिक एवं अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वैध उपभोक्ता की पहचान होगी सुनिश्चित
ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है। इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी।
मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों की भी होगी पहचान
कई बार उपभोक्ता की मृत्यु हो जाने के बाद भी विद्युत कनेक्शन उसके नाम पर दर्ज रह जाता है। ऐसे मामलों की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे वर्तमान उपयोगकर्ता की पहचान कर नियमानुसार उपभोक्ता के नाम में आवश्यक परिवर्तन एवं रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाय
तरह ऐसे विद्युत कनेक्शनों की भी पहचान करने में सहायता मिलेगी, जिनका उपयोग अनधिकृत अथवा अवैध रूप से किया जा रहा है या जिनमें उपभोक्ता की जानकारी लंबे समय से अद्यतन नहीं है। इससे विद्युत कंपनी को अनियमितताओं को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तीन विकल्प
उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उपभोक्ता “मोर बिजली मोबाइल ऐप” के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी कराया जा सकता है।
तीसरे विकल्प के तहत मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा। ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से किया जा सकेगा।
ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं
विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

