तपस्वियों एवं अच्छे कार्य करने वालों की अनुमोदना करने में कभी भी कंजूसी मत करो…. ‎मन बहानों का पुलिंदा है – मुनि समयप्रभ जी

तपस्वियों एवं अच्छे कार्य करने वालों की अनुमोदना करने में कभी भी कंजूसी मत करो…. ‎मन बहानों का पुलिंदा है – मुनि समयप्रभ जी





‎राजनांदगाव(अमर छत्तीसगढ़) 23 अगस्त। परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिन मणिप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. के सुशिष्य समयप्रभ सागर जी ने आज यहां कहा कि तपस्वियों की अनुमोदना करने में कभी भी कंजूसी मत करो। किसी भी अच्छे काम के लिए खुले दिल से अनुमोदना करो और अच्छे कार्य करने वालों का बहुमान करो।
‎                मुनि श्री समयप्रभ जी ने आज नेम भवन में चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान कहा कि हम तपस्वियों और अच्छे काम करने वालों की अनुमोदना और बहुमान करने के लिए बहाने बनाते फिरते हैं।

उन्होंने कहा कि दरअसल हम नहीं बल्कि हमारा मन यह बहाना बनाता है। हमारा मन बहानों का पुलिंदा है। तरकस में तीर की कमी हो सकती लेकिन मन के बहाने कभी खत्म नहीं हो सकते। उन्होंने फरमाया कि हमें लब्धि मिली है लेकिन हमने इसका क्या उपयोग किया! मुनि श्री ने कहा कि जिन शासन में तपस्या एवं अच्छे कार्य के लिए खुले दिल से सामूहिक अनुमोदना की जाती है।

उन्होंने कहा कि अनुमोदना एवं बहुमान के लिए कंजूसी मत करो। आज नेम भवन में तपसियों का बहुमान किया गया। इस दौरान श्री जैन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अजय सिंगी, ट्रस्टी भावेश बैद, ललित भंसाली, रोशन गोलछा, जीवनचंद बैद, चातुर्मास समिति के संयोजक पीयूष बैद सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे । यह जानकारी मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।

Chhattisgarh