‎आपका एक टोंट किसी का जीवन‎ बदल देता है- श्रेयांशप्रभ जी

‎आपका एक टोंट किसी का जीवन‎ बदल देता है- श्रेयांशप्रभ जी



‎राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 25 अगस्त। खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य श्रेयांशप्रभ सागर जी ने आज यहां कहा कि आपका एक टोंट किसी का जीवन बदल सकता है। किसी को नीचा दिखाने के लिए टोंट मत मारो। टोंट मारना ही है तो किसी को आगे बढ़ाने के लिए मारो। टोंट मारना मायने नहीं रखता बल्कि किस बात के लिए, किस चीज के लिए और किन भावों के लिए मारा गया है,यह मायने रखता है।

‎            जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय भवन में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन की श्रृंखला में श्रेयांशप्रभ मुनि ने  कहा कि टोंट मारते समय हमको लगता है कि हम सही है किंतु हम यह नहीं सोचते कि हमारा एक टोंट किसी का जीवन बदल सकता है। टोंट प्रेम में भी मारा जाता है और क्रोध व द्वेष की वजह से भी। सच कड़वा होता है किंतु सच इतना ही बोलो जितना कि उसके मन में आघात ना लगे और वह आगे बढ़ सके। अक्सर हम टोंट एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए मारते हैं।
‎ मुनि श्री ने कहा कि कोई व्यक्ति शायद ही जन्म से महापुरुष हो। हर किसी की कोई ना कोई कमी होती ही है। किसी का अहंकार मत जगाओ। व्यक्ति का पास्ट में क्या कर रहा था, इस पर ध्यान देने की बजाय यह देखो कि वह वर्तमान में क्या रहा है। उसे शाबाशी दो और उसकी गलतियां सुधारो भी । हमारी भाषा किसी को बढ़ाने की जगह किसी को नीचा दिखाने की होती है। किसी को आगे बढ़ाना है तो स्वयं को भी आगे बढ़ाओ। यदि हर व्यक्ति हर जीव के प्रति दया का भाव है तो समझो आप परमात्मा के आदेश का पालन कर रहे हैं। खुद को आगे बढ़ाने के लिए किसी दूसरे की लाइन मत मिटाओ। यह जानकारी मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने दी।

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