ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 26 अगस्त।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य ब्यावर रत्न शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा.ने आज सुबह खचाखच भरे समता भवन के प्रवचन हाल मे अपनी अमृत देशना शुरु करते हुए कहा हुक्मसंघ के उदयवान नक्षत्र आचार्य भगवन और बहुश्रुत वाचनाचार्य को वंदन नमन करते हुए आज के प्रवचन का सार अपने मन को संतुलित बनाए उसके लिए एकाग्रता से साधना करनी पड़ेगी अपने बच्चों को यही संस्कार देवे सुबह बिस्तर छोड़ने से पहले नवकार मंत्र व सुदेव सुधर्म सुगुरु को वंदन करने के पश्चात दिन की शुरुआत करें जिससे उनका मन संतुलित रह सके।
म सा ने कहा आत्मीय बंधु मन को एकाग्रत संतुलित बनाना है तो विचारों के आवेश को रोकना पड़ेगा नहीं संकल्प विकल्प में रहकर मन असंतुलित होता जायेगा।
प्रभु महावीर ने अपनी देशना देने के लिए मन को संतुलित बनाने के लिए अनेक आनाडी क्षेत्रों के अपरिचितो के पास जाकर साधना करने लगे और उपसर्ग सहन करते गये क्योंकि उन्होंने अपने मन को संतुलित बना लिया था।
म सा ने कहा जैसा अन्न पेट में जायेगा वैसा असर दिखायेगा, न्याय निति का अन्न मन को संतुलित रखता है,अन्याय का अन्न जाने मन असंतुलित हो जाता है आज इसी प्रकार लोगों का मन संतुलित नही रह पाता जैसा खायें अन्न वैसा होगा मन,जैसा पीये पानी वैसी होगी वाणी,घर में महिला भोजन बनाते हुए विचार जैसा होगा भोजन का असर वैसा बनेगा।
आज हमारी चामुंडे की आंखे चमडी को देखने में लगी रहती है, विचार मन में रहेगा तो मन असंतुलित होकर आंपे से बाहर हो जायेगा।
म सा ने उदयवीर की कथा पर कहा उदयवीर की कथा सुनो नर नारी पद्मावती के पुत्र बड़े श्रेयकारी अपने दोनों पुत्रों का धर लाने के लिए मंत्री सुबुद्धि ने दोनों राजकुमारों को धर्म पर चलने की शिक्षा दी जहां भी जावो मुझे याद कर लेना,पुत्रौ ने मौत्री को कहा आप धर्म पिता से सुसंस्कार का बीज आपने रोपा धर्म हमारी रक्षा करेगा।
इससे पहलेश्री दिव्य दर्शन जी म सा ने कहा जो साधक अन्दर में लीन कर रहा वह एक वर्ष के भीतर सयंम लेकर सुख को लांघ जाता हैं।जो बंधक को पहचान लेता हैं वह सुख दुख से दुर हो जाता है।आज शांति समाधि घर में पड़ी है हम क्यों दुसरे से मांगने जाए।
अपने बच्चों को अच्छा संस्कार दिलाकर भगवान महावीर के विपरित कोई काम नहीं करने की प्रेरणा देवें।
संचालन विजय ओस्तवाल ने करते हुए कहा आज मोनिका ओस्तवाल ने 15 की तपस्या का प्रत्याखान लिए।
संघ प्रवक्ता
नोरत मल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ,ब्यावर।

