रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 9 सितंबर । एमजी रोड स्थित श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के दौरान धर्म और भक्ति का माहौल बना हुआ है। आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के तहत चल रही प्रवचन श्रृंखला में साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. ने पर्युषण पर्व के दूसरे दिन बुधवार को कहा कि आज हर व्यक्ति अपनी अंतरात्मा की जागृति के लिए किसी न किसी रूप में प्रयास कर रहा है। कोई सुबह योग करता है, कोई मॉर्निंग वॉक करता है तो कोई ध्यान के माध्यम से मन को शांत करने का प्रयास करता है।

साध्वीश्री ने कहा कि जैसे ही पर्युषण पर्व आता है, वैसे ही मानो सभी के भीतर धर्म और आत्मजागृति का शंखनाद हो जाता है। श्रद्धालुओं में आराधना के प्रति उत्साह बढ़ जाता है। दूर-दूर से लोग दादाबाड़ी पहुंच रहे हैं। यहां भक्ति का वातावरण बन रहा है और लोग धर्म की आराधना का लाभ लेने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह एक पिता अपने बेटे को अपने सामने आगे बढ़ते हुए देखकर खुश होता है, उसी तरह दादा अपने पोते को आगे बढ़ता देखकर गदगद हो जाते हैं। हर पिता की चाह होती है कि उसके रहते-रहते उसका बेटा अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। इसी तरह जब कोई व्यक्ति धर्म के क्षेत्र में आगे बढ़ता है, आराधना और संयम के मार्ग पर कदम बढ़ाता है तो उसे देखकर परिवार और समाज को भी बहुत खुशी होती है।

साध्वी मंजुलाश्रीजी ने कहा कि पर्युषण केवल धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर नहीं है, बल्कि अपनी अंतरात्मा की ओर देखने और भीतर जागृति लाने का पर्व है। हमें प्रयास करना चाहिए कि धर्म केवल मंदिर और आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे विचार, व्यवहार और जीवन में भी दिखाई दे।

इस अवसर पर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, ट्रस्टी नरेश बैदूमुथा, राजेंद्र गोलछा और उज्ज्वल झाबक सहित श्रीसंघ के सदस्य उपस्थित रहे।

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति के अध्यक्ष बसंत लोढ़ा, महासचिव मुकेश निमाणी, सह-सचिव अभिषेक गोलछा और कोषाध्यक्ष चिंतन मालू सहित समिति के पदाधिकारियों का आयोजन में सहयोग रहा।


