मध्यप्रदेश सरकार का अच्छा निर्णय रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं में पंजीकृत संस्था के लिए आवश्यक निर्देश

मध्यप्रदेश सरकार का अच्छा निर्णय रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं में पंजीकृत संस्था के लिए आवश्यक निर्देश


भोपाल (अमर छत्तीसगढ़) 21 सितंबर ।
मप्र में काम कर रही करीब 3.5 लाख गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ), सामाजिक संगठनों, शिक्षण समितियों और ट्रस्टों की निगरानी अब ऑनलाइन होगी। रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने वार्षिक जानकारी जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। सबसे बड़ा बदलाव आधार आधारित ई-साइन का है। इससे किसी व्यक्ति को उसकी जानकारी के बिना संस्था का सदस्य या पदाधिकारी बनाना मुश्किल होगा। वहीं वर्षों से बिना ऑडिट और चुनाव के केवल कागजों पर चल रही संस्थाओं की पहचान भी आसान होगी।


धारा-27 : सभी सदस्यों का ई-साइन, तभी कार्यकारिणी साधारण सभा की बैठक के 45 दिन के भीतर नई कार्यकारिणी की सूची जमा करनी होगी। संस्था के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आधार आधारित ई-साइन अनिवार्य होगा। सभी का सत्यापन होने के बाद ही आवेदन जमा होगा। निर्धारित समय में आवेदन पर 1 हजार रुपए और देरी होने पर 2 हजार रुपए शुल्क लगेगा।
धारा-28: ज्यादा लेन-देन पर सीए का यूडीआईएन
हर साल 30 अप्रैल से 90 दिनों के भीतर संस्था को वार्षिक आय-व्यय और बैलेंस शीट जमा करनी होगी। वार्षिक लेन-देन एक लाख रुपए से अधिक होने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट का यूडीआईएन नंबर अनिवार्य होगा। सीए की ऑडिट रिपोर्ट भी अपलोड करनी होगी। कोषाध्यक्ष का ई-साइन और अध्यक्ष या सचिव में से किसी एक का सत्यापन जरूरी होगा।
आपत्ति भी ऑनलाइन सुधरेगी, तुरंत मिलेगी पावती : विभाग दस्तावेज पर आपत्ति लगाएगा तो संस्था उसे पोर्टल पर ही देखकर फॉर्म में सुधार कर
दोबारा जमा कर सकेगी। आवेदन के साथ कंप्यूटर जनरेटेड वैध पावती भी तुरंत मिलेगी। इससे फाइल और पावती के लिए बाबुओं या एजेंटों पर निर्भरता खत्म होगी।
एक जानकारी प्राप्त हुई है कि प्रेस क्लब,या वो पत्रकार संगठन जिन्होंने पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं में पंजीयन कराया है उन पर भी लागू होगा।

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