दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 28 सितंबर ।, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग, की 111वाँ वार्षिक साधारण सभा की बैठक दिनांक 28.09.2026 दोपहर 12 बजे स्वामी विवेकानंद हाॅल सांस्कृतिक भवन दुर्ग में बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन के अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बैंक से सम्बद्ध सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों ने आमसभा में भाग लिया।
आमसभा की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन द्वारा बैंक के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार अंकेक्षण में ‘‘अ’’ वर्ग प्राप्त किया है।
आमसभा में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.के.वर्मा ने बैंक के वार्षिक लेखा जोखा का वाचन किया जिसमें बैंक ने वर्ष 2025-26 में राषि 155.80 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया है, बैंक द्वारा सभी आवष्यक प्रावधान करते हुए शुद्ध लाभ 55.00 करोड़ अर्जित किया। बैंक द्वारा अपने सदस्य समितियों को 12.74 करोड़ रु. लाभांष भुगतान करने का निर्णय वार्षिक आमसभा में लिया गया। आमसभा में बैंक की वित्तीय पत्रकों एवं अन्य प्रस्तावों की सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रतिनिधियों द्वारा दी गयी।

इस अवसर पर आमसभा में उपस्थित प्रतिनिधियों श्री पवन जैन समिति अहिवारा, निवेष ऋण पर ब्याज दर 12 प्रतिषत से 3 प्रतिषत किया जावे, सभी समिति में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगाया जावे, खाद गोदाम ऋण पर 50 प्रतिषत अनुदान दिया जावे, धान खरीदी का त्रिपक्षीय अनुबंध धान खरीदी के पूर्व कराया जावे।
श्री योगेन्द्र दिल्लीवार दाउ ढाल सिंह साख समिति द्वारा निवेष ऋण की सीमा में वृद्धि की मांग किया। निवेष ऋण में समिति को ब्याज पर 2 प्रतिषत कमीषन दिया जावे। व्यापारिक आकर्षण हेतु ऋण दिया जावे। दैनिक वेतन कर्मचारियों को वर्ष 2024-25 का बोनस दिया जावे।
10 वर्ष से अधिक अवधि से कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों का नियमितकरण अथवा वेतन वृद्धि हेतु प्रयास किया जावे। संजीव तिवारी समिति देवरबीजा प्रबंधकीय शुल्क 2.50 प्रतिशत 1.50 प्रतिषत किया जावे। समिति के कालातीत ऋणों की वूसली हेतु विषेष प्रयास किया जावे। धान खरीदी का परिवहन समय पर किया जावे।
कुरैशी अल्प संख्यक समिति दुर्ग क्रेडिट समितियों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराये जाने की मांग एवं फिक्स डिपाॅजिट में प्रचलित दर से 1 प्रतिषत अधिक ब्याज की मांग किया गया।
मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री के अभिनंदन हेतु सहकारी सम्मेलन आयोजित किया जावे। हरदेव लाल सार्वा हल्दी बीमा कमीषन की राषि समितियों को भी दिये जाने एवं केसीसी चेकबुक 10 पन्ने से बढ़ाकर 25 पन्ने का किए जाने की मांग की गयी। समिति के कर्मचारियों को बैंक भर्ती में प्राथमिकता दिया जावे। नथमल कोठारी समिति चेचानमेटा गोदाम अनुदान की राषि जो बैंक में जमा है उसे समितियों को दिया जावे।
समितियों को धान सूखत का लाभ दिलाया जावे। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन का कार्य अंतिम तिथि निर्धारित ना करते हुए निरंतर जारी रखा जावे। श्री कृष्णा साहू समिति पीपरछेड़ी एकमुष्त समझौता योजना लागू किए जाने की मांग की गयी।
श्री पूरण सिंह राजपुत समिति घोठिया द्वारा धान का परिवहन समयावधि में कराने की मांग की गई। श्री पवन सोनबरसा समिति खुरसुनी धान का परिवहन समिति में तौलकर भरा जाता है किन्तु संग्रहण केन्द्र में धान की मात्रा में कमी हो जाती है। श्री मणीकांत बघेल समिति डौण्डी ब्याज अनुदान की राशि समयावधि में भुगतान करने । नोहर साहू समिति बेलौदी खाद का समायोजन बैंक में तत्काल किया जाता है किन्तु कृषकों को खाद विलंब से प्राप्त होता है।
श्री विष्णु प्रसाद साहू समिति भंडेरा धान खरीदी पंजीयन 21 क्विंटल प्रति एकड़ जिसका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है जो कि उचित नहीं है। श्री प्रेमलाल नायक समिति ननकट्ठी, खाद का कमीषन कम है परिवहन भाड़ा ज्यादा लगता है कमीषन में वृद्धि किया जावे, केसीसी गौपालन नवीनीकरण शाखा स्तर पर किया जावे। श्री भागवत चन्द्राकर समिति जामगांवआर एग्रीस्टेक में सहखातेदारों में यदि एक सदस्य अनुपस्थित हो तो उसका पंजीयन का क्या विकल्प है मार्गदर्षन दिया जावे। श्री प्रबल सिंह समिति जेवरा अन्य व्यवसाय के तहत घरेलू गैस सिलिंडर व्यवसाय हेतु समिति को आर्थिक सहायता प्रदान किया जावे। प्रतिनिधियों द्वारा अपना सुझाव दिया गया एवं समितियों से संबंधित समस्याओं को उठाया गया जिसे बैंक स्तर की मांगो का त्वरित निराकरण बैंक द्वारा कराया जायेगा तथा शासन स्तर के मांगो को शासन को प्रेषित किया जावेगा।
वार्षिक आमसभा में नरेश यदु उपाध्यक्ष, सतीष पाटले उप पंजीयक दुर्ग संदीप भोई उप संचालक कृषि बैंक अधिकारी एस.के.निवसरकर, हृदेष शर्मा, सुश्री कुसुम ठाकुर, के.के.नायक, ए.एस.खान, एस.पी.वाहने, धीरेन्द्र देवांगन आर.के.मोहनमाला, चन्द्रषेखर मानिकपुरी, विष्णु देवांगन सहित 402 समितियों के प्राधिकृत अधिकारी एवं गैर कृषि साख सहकारी समितियों के बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

