भारतीय जैन संघटना, छत्तीसगढ़ के ‘परिणय पथ’ में 50 युवक-युवतियों ने समझी जीवनसाथी चयन की अहमियत…. विमतारा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विवाह संबंधी निर्णयों, आपसी समझ और आत्मविश्लेषण पर दिया गया जोर

भारतीय जैन संघटना, छत्तीसगढ़ के ‘परिणय पथ’ में 50 युवक-युवतियों ने समझी जीवनसाथी चयन की अहमियत…. विमतारा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विवाह संबंधी निर्णयों, आपसी समझ और आत्मविश्लेषण पर दिया गया जोर

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 10 अक्टूबर। भारतीय जैन संगठन (BJS) छत्तीसगढ़ द्वारा विमतारा हॉल में आयोजित मैट्रिमोनियल मीट ‘परिणय पथ’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 25 युवक और 25 युवतियों ने भाग लिया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल जीवनसाथी खोजने का अवसर देना ही नहीं, बल्कि उन्हें विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय के प्रति जागरूक बनाना, अपनी प्राथमिकताओं को समझने और सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना भी था।

‘परिणय पथ’ की विशेषता यह रही कि इसमें प्रतिभागियों को एक-दूसरे को जानने और समझने के साथ-साथ स्वयं का आत्मविश्लेषण करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने यह समझने का प्रयास किया कि जीवनसाथी का चयन करने से पहले अपनी सोच, जीवन के लक्ष्य, अपेक्षाओं, पारिवारिक मूल्यों और भविष्य की योजनाओं के प्रति स्पष्ट होना कितना आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन BJS की CEO कोमल जैन ने किया। विभिन्न सत्रों, संवादात्मक गतिविधियों और काउंसलिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को विवाह से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। सत्रों में आपसी संवाद, विचारों की समानता, जीवनशैली, पारिवारिक जिम्मेदारियों, करियर और भविष्य की अपेक्षाओं जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे बिना किसी पूर्वाग्रह के एक-दूसरे को समझें और अपनी बात स्पष्टता एवं सहजता से रखें।

BJS के मैट्रिमोनियल हेड प्रमोद लुनावत ने अपने संबोधन में कहा कि जीवनसाथी का चयन जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। इसलिए यह जरूरी है कि युवा पहले स्वयं को समझें, अपनी प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं के प्रति स्पष्ट हों और उसके बाद संभावित जीवनसाथी को जानने का प्रयास करें।

इस अवसर पर बीजेएस की पदाधिकारी श्री नंद किशोर संखला जी, नेशनल प्रेसिडेंट, श्री संजय सिंघि, नेशनल वाईस प्रेसिडेंट, श्री पंकज चोपडा, नेशनल जनरल सेक्रेटरी, श्री अनील रांका जी, नेशनल हेड मैट्रिमनी प्रोग्राम, मनोज लुकड़, नेशनल हेड इंसेप्शन प्रोग्राम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे .

उन्होंने कहा कि आज के समय में विवाह केवल दो परिवारों का संबंध नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों की जीवनभर की साझेदारी है। इस साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए आपसी सम्मान, विश्वास, संवाद, विचारों की स्पष्टता और एक-दूसरे के सपनों को समझना आवश्यक है। युवाओं को विवाह संबंधी निर्णय सामाजिक अपेक्षाओं या बाहरी आकर्षण के बजाय आपसी समझ और अपनी स्वतंत्र सहमति के आधार पर लेना चाहिए।

प्रमोद लुनावत ने कहा कि ‘परिणय पथ’ का उद्देश्य युवाओं के लिए जीवनसाथी चुनना नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं सोच-समझकर अपना निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले दोनों व्यक्तियों की इच्छा, सहजता और आपसी समझ का सम्मान होना चाहिए।

BJS छत्तीसगढ़ की ओर से विजय गंगवाल, राज्य अध्यक्ष एवं सीए विकास गोलछा, राज्य महासचिव ने बताया की यह पहल पारंपरिक मैट्रिमोनियल मीट से आगे बढ़कर युवाओं को विवाह के प्रति अधिक जागरूक और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती है। कार्यक्रम ने इस विचार को सामने रखा कि एक अच्छे रिश्ते की शुरुआत केवल किसी उपयुक्त व्यक्ति की तलाश से नहीं, बल्कि स्वयं को समझने और अपनी अपेक्षाओं के प्रति स्पष्ट होने से होती है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ BJS छत्तीसगढ़ ने वैवाहिक जीवन के प्रति जागरूकता और जीवनसाथी चयन की प्रक्रिया में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक नए आयाम की शुरुआत की।

‘परिणय पथ’ — स्वयं को समझने से, सही रिश्ते की शुरुआत।

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