संयम सुमेरु जैनाचार्य विजयराज जी महाराज का जयपुर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश… 10 संतो एवम 20 साध्वियों सहित ससंघ का हुआ पदार्पण

संयम सुमेरु जैनाचार्य विजयराज जी महाराज का जयपुर में हुआ भव्य मंगल प्रवेश… 10 संतो एवम 20 साध्वियों सहित ससंघ का हुआ पदार्पण

जयपुर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 4 जुलाई। जैन जगत की दिव्य विभूति, संयम सुमेरु, नानेशपट्टधर जैनाचार्य प्रवर विजयराज महाराज ने अपने शिष्य समुदाय सहित प्रदेश की राजधानी जयपुर में भव्य मंगल प्रवेश किया।
विजय गुरु की जयकारों से गूंजा शहर..
शुक्रवार सवेरे जैसे ही जैनाचार्य प्रवर विजय गुरु अपने सहयोगी संतो के साथ कृपलानी मार्ग स्थित सुश्रावक सुशील कुमार खींवसरा के आवास से बाहर निकले हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे क्षेत्र को भगवान महावीर, नाना गुरु , विजय गुरु की जय जयकारों से गुंजायमान कर दिया।

श्री विजय गुरु की विजय यात्रा कृपलानी मार्ग से आरंभ होकर,फतेह टीबा,आदर्श नगर,गोविंद मार्ग, एलबीएस कॉलेज,सूर्य मार्ग होते हुए चातुर्मास स्थल तिलक नगर स्थित नवकार भवन पहुंची। नवकार भवन के बाहर संघ संरक्षक प्रदीप गुगलियां,संघ प्रमुख हुक्मीचंद सिंगी, संघ अध्यक्ष महेश दस्सानी,महामंत्री नवीन लोढ़ा के नेतृत्व में श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने जैनाचार्य प्रवर की अगुवाई करते हुए वंदन नमन कर अभिनंदन किया।

भक्तों ने जय जयकार,जय जयकार विजय गुरु की जयकार के उद्घोषों से गूंजा दिया।
10 संतो एवम 20 साध्वियों के साथ हुआ पदार्पण
जैनाचार्य विजयराज महाराज के आचार्य बनने के बाद पहली बार नगर में चातुर्मास करने पर जयपुर के संपूर्ण जैन जैनेतर समाज में भारी उत्साह छाया हुआ है।

श्री विजय गुरुदेव में 10 संतो एवम 20 साध्वियों के साथ बर्षावास वर्षावास हेतु नगर में पदार्पण किया। जैनाचार्य के साथ संघ के प्रमुख संत विनोद मुनि, संघ की वरिष्ठ महासती प्रभावती जी, महासती
पदमश्री,महासती नेहा श्री सहित कुल 30 साधु एवं साध्वीरत्ना भी जयपुर चातुर्मास हेतु पधारे है। गुरु भगवन के चार माह के प्रवास के दौरान नित्य प्रति जिन वाणी गूंजेगी। चार माह धर्म ध्यान, जप जाप,तप त्याग एवं साधना आराधना के विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।


विजय गुरु की विजय यात्रा में जबरदस्त झलका उत्साह एवम भक्ति भाव
शुक्रवार अल सवेरे से कृपलानी मार्ग पर मेले जैसा नजारा देखने को मिला। श्रद्धालु श्रावक जहां सफेद परिधान में मुख पर मुख वास्त्रिका लगाए हुए एवम महिलाओ का चुंदड़ी एवम केसरिया साड़ी में झुंड के झुंड गुरु दर्शनों को लालायित थे।

संपूर्ण मंगल प्रवेश यात्रा में श्री विजय गुरु के दर्शन एवम झलक पाने को श्रद्धालु भक्त आतुर थे। युवा मंडल एक और जहां भगवान महावीर एवं गुरु भगवंतो के जयकारे लगा रहे थे तो दूसरी ओर महिलाएं गुरु भक्ति में सराबोर होते हुए गीतों की स्वर लहरियों से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय एवं आध्यात्मिकता से भर दिया। पूरा प्रवेश सादगी पूर्ण रहा। न तो कहीं प्रवेश द्वार न ही झंडे बैनर दिखाई दिए।


देश के सुदूर क्षेत्रों के श्रद्धालु बने मंगल प्रवेश के साक्षी
मंगल प्रवेश यात्रा में जयपुर,ब्यावर भीलवाड़ा, मंदसौर, अजमेर, बिजय नगर,मुंबई,चेन्नई,सहित अनेक क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु भक्त मंगल प्रवेश के साक्षी बने। जैनाचार्य प्रवर की 11 दिवसीय मौन साधना के बाद महा मांगलिक के श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने पूरी श्रद्धा आस्था के साथ श्रवण कर मानव जीवन को धन्य बनाया।


धर्म देशना में लगाए गहरे गोते
जैनाचार्य प्रवर एवम संत मुनिराजो की धर्म देशना में श्रद्धालुओं ने गहरे गोते लगाए। इस मौके पर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, विधायक गोपाल शर्मा, जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी, डीजीपी ट्रेफिक शाहीन, संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कर्णावट, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत कोठारी, राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र जैन, महिला मंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष लीला कोठारी,जयपुर श्री साधुमार्गी शांत क्रांति संघ,महिला संघ,युवा संघ एवम जयपुर जैन समाज के विभिन्न घटकों के संघ प्रमुखों ने शिरकत की।


मानवता का दीप जलाएं
नवकार भवन में प्रवचन प्रभाकर जैनाचार्य प्रवर विजयराज जी महाराज ने कहा हम मानव है मानवता का मन में दीप जलाए। कर्म योग से को कुछ पाए वही सच्चा धन हो।
जैनाचार्य ने अपनी धर्म देशना में कहा कि वे चार माह तक जीवन निर्माण के अनेक गुर बताएंगे। अनंत अनंत पुण्य वाणी के चलते मानव जीवन मिला है इसका सम्यक उपयोग करे। समाज अपनी शक्ति एवं धन का सही दिशा में उपयोग करे।

जयपुर संघ बड़ा पुण्यवान संघ है। चार माह के चातुर्मास में सत्संग, जिनवाणी, धर्म एवं तत्व चर्चा का पूर्ण लाभ उठाकर मानव जीवन को सार्थक करे। हाथ में आए स्वर्ण अवसर को व्यर्थ ना खोए।
(प्रकाश जैन, वरिष्ठ पत्रकार)

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