देशभर के 13 लाख से अधिक लाइसेंस प्राप्त केमिस्टों को वर्तमान में आ रही चुनौतियों और नियामकीय समस्याओं से मंत्री को कराया अवगत

देशभर के 13 लाख से अधिक लाइसेंस प्राप्त केमिस्टों को वर्तमान में आ रही चुनौतियों और नियामकीय समस्याओं से मंत्री को कराया अवगत

बिलासपुर हिमाचल प्रदेश (अमर छत्तीसगढ) 6 जुलाई।

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से उनके निवास पर बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) में भेंट की।

प्रतिनिधिमंडल ने देशभर के 13 लाख से अधिक लाइसेंस प्राप्त केमिस्टों को वर्तमान में आ रही चुनौतियों और नियामकीय समस्याओं से मंत्री महोदय को अवगत कराया।
प्रमुख मुद्दा: GSR 220 और ऑनलाइन दवाओं की बिक्री
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से GSR 220 अधिसूचना का मुद्दा उठाया, जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किया गया था। चूंकि वर्तमान में ऐसी किसी महामारी की कोई संभावना नहीं है, यह अधिसूचना अब अप्रासंगिक हो गई है। इसके बावजूद, कुछ अवैध दवा विक्रेता (Drug Peddlers) इस नियम की आड़ में अनाधिकृत और अवैध गतिविधियाँ संचालित कर रहे हैं, जो कानून का उल्लंघन है और जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 तथा नियमावली में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद, कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह अवैध और उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित है।

जबकि दूसरी ओर, देशभर के 13 लाख पंजीकृत केमिस्ट सभी नियमों के तहत कार्य करते हैं, विशेष रूप से NRX (शेड्यूल H1) और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री में। इसके बावजूद, उन्हें अनावश्यक निरीक्षणों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जबकि असली दोषियों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती।
प्रतिनिधिमंडल की चार मुख्य माँगें:

  1. . GSR 220 को निरस्त किया जाए या यथोचित संशोधन किया जाए।
  2. ऑनलाइन दवा बिक्री, जो कि कानूनन मान्य नहीं है, पर स्पष्ट और पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
  3. नियमों के अनुसार कार्य कर रहे लाइसेंस प्राप्त केमिस्टों को अनावश्यक जांच और उत्पीड़न से राहत दी जाए।
  4. अवैध दवा विक्रेताओं और गैर-लाइसेंसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के विरुद्ध कड़ी और शीघ्र कार्रवाई की जाए।
    प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
  5. श्री जगन्नाथ शिंदे, अध्यक्ष, AIOCD
  6. श्री राजीव सिंघल, महासचिव, AIOCD
  7. श्री संदीप नंगिया, संगठन मंत्री, AIOCD
  8. श्री अविनाश अग्रवाल, संयुक्त सचिव, AIOCD एवं महासचिव, CCDA
  9. श्री अमित गर्ग, कोषाध्यक्ष, AIOCD
  10. श्री वैजनाथ जगुस्ते, उपाध्यक्ष, AIOCD
  11. श्री संजीव पंडित, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन
  12. तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण
  13. जन स्वास्थ्य की सुरक्षा में भूमिका
  14. AIOCD प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री महोदय को यह आश्वस्त किया कि देश के सभी लाइसेंस प्राप्त केमिस्ट सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन करते हैं और दवा वितरण की श्रृंखला में जन स्वास्थ्य के विश्वसनीय प्रहरी की भूमिका निभा रहे हैं।
  15. उपरोक्त जानकारी जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव दशरथ प्रसाद शर्मा ने दी.
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